Hanuman Jayanti 2026 : हनुमान जयंती पर काशी में निकलेगी सबसे बड़ी ध्वजा यात्रा, 1 लाख ध्वज लेकर नंगे पांव चलेंगे हनुमान भक्त

Edited By Updated: 01 Apr, 2026 08:43 AM

hanuman jayanti 2026

Hanuman Jayanti 2026 : वाराणसी, जिसे अपनी जीवंत संस्कृति के लिए 'सात वार नौ त्योहार' का शहर कहा जाता है, इस बार हनुमान जयंती के अवसर पर एक भव्य उत्सव का गवाह बनने जा रहा है। काशी में इस उपलक्ष्य में एक विशाल ध्वजा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है,...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Hanuman Jayanti 2026 : वाराणसी, जिसे अपनी जीवंत संस्कृति के लिए 'सात वार नौ त्योहार' का शहर कहा जाता है, इस बार हनुमान जयंती के अवसर पर एक भव्य उत्सव का गवाह बनने जा रहा है। काशी में इस उपलक्ष्य में एक विशाल ध्वजा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूरी भव्यता के साथ संपन्न हो चुकी हैं।

यात्रा का स्वरूप और भव्यता
प्रारंभ: यह यात्रा 2 अप्रैल की सुबह सूर्योदय के समय महाआरती के साथ भिखारीपुर से शुरू होगी।

ध्वजों का सैलाब: इस यात्रा के लिए कुल 1 लाख ध्वज तैयार किए गए हैं, जिनमें 50 हजार झंडियां, 21 हजार छोटे ध्वज और 5100 बड़े ध्वज शामिल हैं।

नंगे पांव भक्ति: हनुमान भक्त भक्ति भाव में सराबोर होकर नंगे पांव करीब 3 किलोमीटर लंबी कतार में चलेंगे और संकट मोचन दरबार में अपनी ध्वजा अर्पित करेंगे।

विशेष आकर्षण
शक्ति का प्रदर्शन: यात्रा में पहली बार 1100 भक्त अपने हाथों में 1100 गदा लेकर चलेंगे, जो शक्ति और आस्था के अद्भुत मिलन को दर्शाएगा।

राम दरबार: एक विशाल 60 फीट लंबे रथ पर भगवान श्री राम का दरबार सजेगा, जो पूरी यात्रा के दौरान आकर्षण का केंद्र रहेगा।

भजन और कीर्तन: पूरी यात्रा के दौरान राम नाम के भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।

महिला शक्ति का योगदान
इस धार्मिक आयोजन में 'नारी शक्ति' की अहम भूमिका है। श्री हनुमत सेवा समिति के अनुसार, ध्वजों को तैयार करने का मुख्य कार्य समिति की 50 से अधिक महिलाओं ने एक महीने की कड़ी मेहनत से किया है। यात्रा में शामिल होने वाले संभावित 30 हजार श्रद्धालुओं में से लगभग आधी संख्या महिलाओं की रहने वाली है।

मार्ग और समापन
यह यात्रा भिखारीपुर तिराहे से शुरू होकर नेवादा, सुंदरपुर, नरिया, बीएचयू और लंका जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए संकट मोचन मंदिर पर समाप्त होगी। रास्ते भर भक्तों का स्वागत फूलों की वर्षा से किया जाएगा। बाबा को 501 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा, जिसे बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!