Jaya Kishori Pravachan : जया किशोरी के बताए तरीके, जो संवार देंगे आपकी दिनचर्या

Edited By Updated: 14 Jan, 2026 03:08 PM

jaya kishori pravachan

Jaya Kishori Pravachan : प्रसिद्ध कथावाचिका और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी आज के समय में युवाओं और बुजुर्गों, दोनों के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं। उनकी बातें न केवल आध्यात्मिक होती हैं, बल्कि व्यावहारिक भी होती हैं, जिन्हें आज की भागदौड़ भरी...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Jaya Kishori Pravachan : प्रसिद्ध कथावाचिका और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी आज के समय में युवाओं और बुजुर्गों, दोनों के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं। उनकी बातें न केवल आध्यात्मिक होती हैं, बल्कि व्यावहारिक भी होती हैं, जिन्हें आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आसानी से लागू किया जा सकता है। जया किशोरी जी अक्सर कहती हैं कि खुश रहना कोई मंजिल नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है। यदि आप मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं या जीवन में नीरसता महसूस कर रहे हैं, तो जया किशोरी जी द्वारा बताए गए ये 7 असरदार उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

Jaya Kishori Pravachan

जया किशोरी जी के खुश रहने के मंत्र

वर्तमान में जीना सीखें 
जया किशोरी जी के अनुसार, हमारी अधिकतर दुखों का कारण या तो बीता हुआ कल होता है या आने वाले कल की चिंता। हम उन चीजों के लिए रोते हैं जो बीत चुकी हैं या उन बातों से डरते हैं जो अभी हुई ही नहीं हैं। खुशी का एकमात्र स्थान वर्तमान है। जो हाथ में है, उसका आनंद लें। यदि आप आज में खुश रहना सीख गए, तो भविष्य अपने आप संवर जाएगा।

उम्मीदें कम रखें
इंसान सबसे ज्यादा तब दुखी होता है जब उसकी उम्मीदें टूटती हैं। हम दूसरों से बहुत अधिक अपेक्षाएं लगा लेते हैं कि वे हमारे साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे जैसा हम उनके साथ करते हैं। जया जी कहती हैं कि अपेक्षाएं केवल खुद से रखें, दूसरों से नहीं। जब आप दूसरों से उम्मीद करना छोड़ देते हैं, तो उनका छोटा सा सकारात्मक व्यवहार भी आपको बड़ी खुशी देता है।

Jaya Kishori Pravachan

स्वयं से प्रेम करें और समय बिताएं
अक्सर हम दूसरों को खुश करने के चक्कर में खुद को भूल जाते हैं। हम दुनिया के लिए उपलब्ध रहते हैं लेकिन खुद के लिए हमारे पास समय नहीं होता। दिन भर में कम से कम 15-20 मिनट एकांत में बैठें। खुद से बातें करें, अपनी खूबियों को पहचानें। जब आप खुद की इज्जत करेंगे और खुद से प्यार करेंगे, तभी दुनिया भी आपको खुशी देगी।

कर्म पर ध्यान दें, फल पर नहीं 
श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को सरल भाषा में समझाते हुए जया किशोरी बताती हैं कि चिंता का मुख्य कारण फल की इच्छा है। जब हम परिणाम के बारे में ज्यादा सोचते हैं, तो तनाव बढ़ जाता है। अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत से करें। यह विश्वास रखें कि यदि मेहनत सच्ची है, तो ईश्वर उसका फल देर-सवेर जरूर देगा। जब आप परिणाम की चिंता छोड़ देते हैं, तो काम का आनंद बढ़ जाता है।

क्षमा करना सीखें 
मन में कड़वाहट और नफरत पालकर कोई कभी खुश नहीं रह सकता। किसी के प्रति गुस्सा रखना ऐसा है जैसे आप खुद जहर पिएं और उम्मीद करें कि मरे कोई और। दूसरों को उनके लिए नहीं, बल्कि अपनी मानसिक शांति के लिए क्षमा कर दें। बोझिल मन के साथ खुशियों की उड़ान नहीं भरी जा सकती। भारी मन को हल्का करने का सबसे अच्छा तरीका माफी है।

Jaya Kishori Pravachan

 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!