Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 Feb, 2026 03:52 PM

आचार्य चाणक्य, जिन्हें कूटनीति और बुद्धिमत्ता का पर्याय माना जाता है, उनकी नीतियां आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं।
Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य, जिन्हें कूटनीति और बुद्धिमत्ता का पर्याय माना जाता है, उनकी नीतियां आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। अक्सर हम सोचते हैं कि समाज में प्रतिष्ठा और ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए केवल अपार धन या ऊंचे पद की आवश्यकता होती है, लेकिन चाणक्य का दृष्टिकोण इससे बिल्कुल अलग है। चाणक्य नीति के अनुसार, व्यक्ति की असली पहचान उसके बैंक बैलेंस से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, व्यवहार और आंतरिक गुणों से बनती है। समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके आते ही हर कोई उनके सम्मान में खड़ा हो जाता है, वहीं कुछ लोग भीड़ में भी गुमनाम रह जाते हैं। तो आइए जानते हैं आखिर वह कौन से गुण हैं जो एक साधारण मनुष्य को असाधारण बना देते हैं ?
वाणी में मधुरता
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि वाणी एक ऐसा अस्त्र है जो मित्र भी बना सकती है और शत्रु भी। समाज में उसी व्यक्ति की प्रशंसा होती है जो विनम्रता और मिठास के साथ बात करता है। आपकी भाषा की कड़वाहट आपकी विद्वत्ता को भी फीका कर देती है। इसलिए, संवाद में हमेशा संयम और सम्मान बनाए रखें।
परोपकार की भावना
जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करता है, समाज उसे अपना आदर्श मानता है। चाणक्य के अनुसार, मनुष्य का जीवन दूसरों के काम आने के लिए है। आपकी पहचान आपके त्याग और सहयोग से बनती है। परोपकारी व्यक्ति के पीछे पूरी दुनिया चलती है और लोग उसकी अनुपस्थिति में भी उसकी प्रशंसा करते हैं।

ज्ञान के प्रति जिज्ञासा
एक विद्वान व्यक्ति को हर स्थान पर पूजा जाता है। चाणक्य नीति के मुताबिक, ज्ञान वह धन है जिसे कोई चुरा नहीं सकता। जो व्यक्ति लगातार कुछ नया सीखने की कोशिश करता है और अपनी बुद्धि को निखारता है, समाज में उसकी बात को गंभीरता से लिया जाता है। ज्ञान न केवल आपको आत्मविश्वास देता है, बल्कि सम्मान भी सुनिश्चित करता है।
आत्मविश्वास और साहस
जो व्यक्ति कठिन समय में घबराता नहीं और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करता है, समाज उसे एक नेता के रूप में देखता है। आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति न केवल अपना मार्ग स्वयं बनाता है, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करता है। चाणक्य का मानना है कि डरे हुए व्यक्ति को कभी वह सम्मान नहीं मिलता जो एक साहसी व्यक्ति को मिलता है।
अनुशासन और समय का महत्व
अनुशासित जीवन जीने वाला व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाता है। जो लोग समय की कद्र करते हैं, समय उनकी कद्र करता है। चाणक्य के अनुसार, आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। यदि आप अपने काम के प्रति ईमानदार और अनुशासित हैं, तो लोग आपकी कार्यशैली की मिसाल देंगे, जिससे आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

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