Karwa Chauth 2026 : सास नहीं हैं तो किसके नाम का निकालें बायना? जानें किसे दें पूजा की थाली

Edited By Updated: 29 Oct, 2026 11:44 AM

karwa chauth 2026

करवा चौथ का पावन व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु  के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं।

Karwa Chauth 2026 : करवा चौथ का पावन व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु  के लिए दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। पूजा-अर्चना के बाद चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के साथ ही एक बेहद महत्वपूर्ण परंपरा निभाई जाती है, जिसे बायना कहा जाता है। बायना सास को देने का नियम है, जिसमें सारा सुहाग का सामान दिया जाता है। लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि घर में सास नहीं होतीं। ऐसे में कई महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि बायना किसके नाम से निकाला जाए और पूजा की थाली किसे दी जाए। तो आइए जानते हैं कि शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार ऐसी स्थिति में बायना और पूजा की थाली किसे देना सबसे शुभ माना जाता है।

Karwa Chauth 2026

सास की अनुपस्थिति में किसे दें बायना?

जेठानी (पति की बड़ी भाभी): शास्त्रों और सामाजिक परंपराओं के अनुसार, सास के न होने पर जेठानी को सास तुल्य (मां के समान) दर्जा दिया जाता है। आप पूजा के बाद जेठानी के चरण स्पर्श करके उन्हें बायना और थाली सौंप सकती हैं।

ननद (पति की बड़ी बहन): यदि घर में बड़ी जेठानी भी न हों, तो आप अपनी बड़ी ननद को बायना दे सकती हैं। ननद को घर की लक्ष्मी माना जाता है, इसलिए उन्हें बायना देना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।

पति की चाची या ताई: परिवार में मौजूद पति की चाची, ताई या बुआ को सास के स्थान पर मान-सम्मान देकर बायना समर्पित किया जा सकता है।

गुरुमाता या ब्राह्मण स्त्री: यदि परिवार में सास की उम्र का या बड़ा कोई रिश्ता उपलब्ध न हो, तो आप अपने कुल पुरोहित की पत्नी (ब्राह्मणी) या अपनी गुरुमाता को बायना और पूजा की थाली दे सकती हैं।

Karwa Chauth 2026

अगर सास का निधन हो चुका हो, तो क्या करें?
यदि आपकी सास अब इस दुनिया में नहीं हैं, तो आप बायना निकालने की यह विधि अपना सकती हैं:

चित्र के सामने अर्पित करें: पूजा के समय सास के नाम का बायना (कपड़े, श्रृंगार सामग्री, मिठाई और दक्षिणा) अलग निकालकर रखें। इसे अपनी सास की तस्वीर के सामने रखकर उनका ध्यान करें और आशीर्वाद मांगें।

दान करें: पूजा और चंद्र दर्शन संपन्न होने के बाद उस बायने को किसी बुजुर्ग ब्राह्मणी, वृद्धाश्रम में किसी वृद्ध महिला या घर की किसी वरिष्ठ महिला रिश्तेदार को सादर भेंट कर दें।

दूर रहने वाली सास के लिए कैसे निकालें बायना?

पूजा के समय उनके नाम का बायना निकालें और मन ही मन उनका आशीर्वाद लें। बाद में जब भी उनसे मिलना हो, तब यह सामान उन्हें सौंप दें।

Karwa Chauth 2026

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!