Edited By Sarita Thapa,Updated: 29 Oct, 2026 11:46 AM
करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर भगवान गणेश, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करने का विशेष महत्व है।
करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर भगवान गणेश, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने और श्रद्धापूर्वक आरती करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है। करवा चौथ की पूजा में कथा सुनने, चंद्रमा को अर्घ्य देने और आरती करने की परंपरा है। ऐसे में यदि आप भी करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, तो पूजा के समय करवा माता और भगवान गणेश की आरती अवश्य करें।
गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अन्धे को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ।।
'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
करवा चौथ की आरती
ओम् जय करवा मैया, माता जय करवा मैया
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया
ओम् जय करवा मैया
सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी
ओम् जय करवा मैया।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती
दीर्घायु पति होवे, दुख सारे हरती..
ओम् जय करवा मैया
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे
गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे
ओम् जय करवा मैया
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे
ओम् जय करवा मैया
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