Edited By Niyati Bhandari,Updated: 20 Jan, 2026 01:12 PM

Magh Mela 2026 Snan Dates: प्रयागराज के संगम तट पर बसी तंबुओं की नगरी में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। माघ मेले के सबसे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के संपन्न होने के बाद अब श्रद्धालुओं की निगाहें अगले पावन स्नान पर्व पर...
Magh Mela 2026 Snan Dates: प्रयागराज के संगम तट पर बसी तंबुओं की नगरी में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। माघ मेले के सबसे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के संपन्न होने के बाद अब श्रद्धालुओं की निगाहें अगले पावन स्नान पर्व पर टिकी हैं। यदि आप भी त्रिवेणी संगम में पुण्य की डुबकी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो अगली स्नान तिथि और उसका महत्व जरूर जान लें।

Magh Mela 2026: कब से कब तक चलेगा माघ मेला?
धार्मिक और प्रशासनिक कैलेंडर के अनुसार, माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी तक किया जा रहा है। यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि तपस्या, संयम, दान और मोक्ष की कामना का प्रतीक माना जाता है। 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने मौन व्रत के साथ संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। अब इस मुख्य स्नान के बाद अगले प्रमुख स्नान पर्व की बारी है।
Basant Panchami Snan 2026: कब होगा अगला प्रमुख स्नान?
माघ मेले का चौथा मुख्य स्नान पर्व बसंत पंचमी के दिन पड़ रहा है।
बसंत पंचमी स्नान:
23 जनवरी 2026 (शुक्रवार)
माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली बसंत पंचमी को ज्ञान, विद्या और नवचेतना का पर्व माना जाता है। इस दिन देवी सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है और प्रकृति में वसंत ऋतु का आगमन स्पष्ट दिखाई देता है।
धार्मिक मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन संगम में स्नान करने से विद्या, बुद्धि और वाणी की शुद्धि होती है। इस दिन पीले वस्त्र धारण कर स्नान करना विशेष फलदायी माना गया है। साधु-संतों के अनुसार, मौनी अमावस्या की कठोर तपस्या के बाद बसंत पंचमी का स्नान मन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करता है।

Magh Mela 2026: आगे की प्रमुख स्नान तिथियां
बसंत पंचमी के बाद भी माघ मेले में श्रद्धालुओं के लिए दो और अत्यंत महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष हैं—
माघी पूर्णिमा (पांचवां स्नान): 1 फरवरी 2026 (रविवार)
महाशिवरात्रि (अंतिम स्नान): 15 फरवरी 2026 (रविवार)
महाशिवरात्रि के दिन संगम स्नान के साथ ही माघ मेले का विधिवत समापन होगा। इस दिन भगवान शिव की विशेष आराधना का विधान है और संगम स्नान को मोक्षदायी बताया गया है।
