Edited By Sarita Thapa,Updated: 24 Jan, 2026 09:29 AM

बसंत पंचमी के पावन स्नान के बाद अब माघ मेले में श्रद्धालुओं की आस्था का अगला बड़ा पड़ाव माघी पूर्णिमा का स्नान होगा। इस शुभ अवसर पर संगम तट पर एक बार फिर श्रद्धा और विश्वास का सैलाब उमड़ेगा।
Magh Purnima Snan 2026 : बसंत पंचमी के पावन स्नान के बाद अब माघ मेले में श्रद्धालुओं की आस्था का अगला बड़ा पड़ाव माघी पूर्णिमा का स्नान होगा। इस शुभ अवसर पर संगम तट पर एक बार फिर श्रद्धा और विश्वास का सैलाब उमड़ेगा। माघी पूर्णिमा को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुण्य लाभ के लिए संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे। तो आइए जानते हैं माघी पूर्णिमा स्नान की सही तिथि और इसके महत्व के बारे में-
माघी पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
मुख्य स्नान की तारीख: 1 फरवरी 2026, रविवार
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 1 फरवरी 2026 को सुबह 05:52 बजे से
पूर्णिमा तिथि का समापन: 2 फरवरी 2026 को रात 03:38 बजे तक
उदया तिथि: उदया तिथि के अनुसार, माघ पूर्णिमा का व्रत और दान-पुण्य 1 फरवरी को ही किया जाएगा।
विशेष संयोग: इस दिन रवि पुष्य योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो इसे बेहद फलदायी बनाता है।
माघी पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघी पूर्णिमा के दिन स्वयं देवता स्वर्ग से उतरकर संगम की रेती पर आते हैं और मानव रूप में स्नान करते हैं। माघ मेले में जो श्रद्धालु एक महीने तक गंगा किनारे रहकर 'कल्पवास' करते हैं, उनके संकल्प की पूर्णता इसी दिन होती है। स्नान के बाद कल्पवासी अपने घरों को लौट जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। इस दिन तिल, कंबल, घी और अन्न का दान करना विशेष फलदायी माना गया है।
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