Edited By Niyati Bhandari,Updated: 04 Feb, 2026 08:02 AM

Mangal Gochar 2026: साल 2026 में ग्रहों के बड़े गोचरों में से एक मंगल गोचर फरवरी महीने में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस और पराक्रम के कारक माने जाते हैं, जबकि शनि को कर्मों का न्यायाधीश कहा जाता है। दोनों ग्रहों...
Mangal Gochar 2026: साल 2026 में ग्रहों के बड़े गोचरों में से एक मंगल गोचर फरवरी महीने में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस और पराक्रम के कारक माने जाते हैं, जबकि शनि को कर्मों का न्यायाधीश कहा जाता है। दोनों ग्रहों के स्वभाव और ऊर्जा में मित्रता नहीं मानी जाती। ऐसे में जब मंगल ग्रह शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे, तो इसका असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।
मंगल गोचर 2026 सभी राशियों को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा, लेकिन वृषभ, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए यह समय विशेष सतर्कता का माना जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की चाल जीवन में संकेत देती है, लेकिन सही निर्णय, मेहनत और सकारात्मक सोच से नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण और कष्टकारी हो सकता है। विशेष रूप से करियर, परीक्षा, निवेश और पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ने के संकेत बताए जा रहे हैं।

कब होगा मंगल का कुंभ राशि में गोचर?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मंगल ग्रह 23 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर शनि के स्वामित्व वाली राशि में हो रहा है, जहां मंगल को सहज नहीं माना जाता। इसी कारण इसे कुछ राशियों के लिए सावधानी का समय बताया जा रहा है।
इन 3 राशियों के लिए कष्टकारी हो सकता है मंगल गोचर 2026
वृषभ राशि (Taurus)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल का यह गोचर वृषभ राशि के दसवें भाव में होगा, जो करियर और कर्म क्षेत्र से जुड़ा माना जाता है।
कार्यस्थल पर असंतोष और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद संभव हैं। धन और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी। दूसरों से मांगकर वाहन चलाने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दौरान धैर्य और संयम बनाए रखना वृषभ राशि वालों के लिए बेहद जरूरी होगा।
वृश्चिक राशि (Scorpio)
मंगल गोचर 2026 के दौरान वृश्चिक राशि के जातकों की चतुर्थ भाव में मंगल की स्थिति बन रही है, जिसे पारिवारिक सुख और मानसिक शांति से जोड़ा जाता है। रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। पुरानी बातों को लेकर मन अशांत रह सकता है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन संभव है। विरोधियों से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों से कोई अप्रिय समाचार मिलने की आशंका। इस समय भावनाओं पर नियंत्रण रखना और धैर्य बनाए रखना जरूरी माना गया है।
कुंभ राशि (Aquarius)
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मंगल का यह गोचर कुंभ राशि के लग्न/प्रथम भाव में होने जा रहा है। चूंकि कुंभ शनि की राशि है और मंगल-शनि को शत्रु ग्रह माना जाता है, इसलिए यह गोचर कुंभ राशि वालों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। करियर और तरक्की की राह में रुकावटें आ सकती हैं। बड़े और महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी। लव लाइफ में उतावलापन और दिखावा रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है। छात्रों को अच्छे परिणाम पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। माता-पिता के स्वास्थ्य और सेवा पर ध्यान देना जरूरी होगा। इस समय संयम, अनुशासन और आत्मनियंत्रण कुंभ राशि वालों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकता है।
