Ramadan 2026 in India: रमजान का पाक महीना कब से शुरू होगा, जानिए चांद दिखने की संभावित तारीख

Edited By Updated: 31 Jan, 2026 04:07 PM

ramadan 2026 in india

​​​​​​​Ramadan 2026 in India: इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पवित्र, बरकत और इबादत से भरा माना जाता है। यह वह समय होता है जब मुसलमान अल्लाह की इबादत में खुद को पूरी तरह समर्पित कर देते हैं, अपने गुनाहों से तौबा करते हैं और नेक रास्ते पर चलने का...

Ramadan 2026 in India: इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पवित्र, बरकत और इबादत से भरा माना जाता है। यह वह समय होता है जब मुसलमान अल्लाह की इबादत में खुद को पूरी तरह समर्पित कर देते हैं, अपने गुनाहों से तौबा करते हैं और नेक रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। शाबान का महीना खत्म होते ही पूरी दुनिया के मुसलमानों को रमजान के चांद का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि रमजान 2026 भारत में कब से शुरू होगा और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

Ramadan 2026: भारत में कब से शुरू हो सकता है रमजान?
इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी सन) पूरी तरह से चंद्रमा की चाल पर आधारित होता है। रमजान की शुरुआत चांद दिखने पर ही तय होती है, लेकिन खगोलीय गणनाओं के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है।

सऊदी अरब और खाड़ी देश:
यहां 18 फरवरी 2026 को रमजान का चांद नजर आ सकता है, जिससे पहला रोजा उसी दिन या अगले दिन रखा जा सकता है।

भारत में संभावित तारीख:
अगर 18 फरवरी 2026 की शाम भारत में रमजान का चांद नजर आता है, तो 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) को पहला रोजा रखा जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय स्थानीय चांद देखने वाली कमेटियों द्वारा ही लिया जाएगा।

क्यों खास माना जाता है रमजान का महीना?
रमजान को इस्लाम में नेकियों का मौसम कहा जाता है। इस महीने की सबसे बड़ी धार्मिक मान्यता यह है कि सन् 610 ईस्वी में इसी महीने की एक पवित्र रात लैलातुल-कद्र को अल्लाह ने फरिश्ते जिब्रील के जरिए पैगंबर मोहम्मद पर कुरान शरीफ की पहली आयतें नाजिल की थीं।

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार:
रमजान में एक नेकी का सवाब 70 गुना तक बढ़ जाता है। जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। रोज़ा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है। इस्लाम में रोज़ा केवल सुबह से शाम तक खाने-पीने से परहेज करना नहीं है, बल्कि यह रूहानी पाकगी (आत्मिक शुद्धता) का माध्यम माना जाता है।

रोज़ा रखने वाले व्यक्ति को चाहिए कि वह:
झूठ और बुरी बातों से बचें।
किसी की चुगली या बुराई न करें।
गलत न देखें और न सुनें।
अपने विचारों को भी पाक रखें।

रमजान में जकात और दान का विशेष महत्व
रमजान के दौरान जकात और सदका देने को बहुत बड़ा सवाब माना गया है। हर सक्षम मुसलमान अपनी सालाना आय का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देता है।

जकात: साल में एक बार फर्ज
फितरा: ईद की नमाज से पहले देना अनिवार्य।

इसका मकसद यह है कि समाज का हर वर्ग ईद की खुशियों में शामिल हो सके।

Eid-ul-Fitr 2026: ईद कब मनाई जा सकती है?
रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है। इसके समाप्त होते ही शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है।

संभावित तारीख:
21 मार्च 2026 (शनिवार)

ईद के दिन:
मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज।
एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद। 
घरों में सेवइयां और पकवान।

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