Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Nov, 2026 01:37 PM

कनाडा के क्यूबेक प्रांत में नई सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर विवादित कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्रांत के प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के पगड़ी, नकाब और अन्य धार्मिक पहचान वाले वस्त्र पहनने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसका...
टोरंटो (इंट): कनाडा के क्यूबेक प्रांत में नई सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर विवादित कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्रांत के प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के पगड़ी, नकाब और अन्य धार्मिक पहचान वाले वस्त्र पहनने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा असर सिख, मुस्लिम और यहूदी समुदायों के छोटे बच्चों पर पड़ने की आशंका है। नई सरकार का यह फैसला पहले से लागू धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदियों को और सख्त करेगा।
चुनावी वादे को लागू करने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक अक्तूबर में हुए प्रांतीय चुनाव में अलगाववादी पार्टी क्यूबेक्वा सत्ता में आई है। धार्मिक पहनावे पर रोक लगाना उसके चुनावी एजैंडे का हिस्सा था। प्रांत के शिक्षा मंत्री जोएल आर्सेनो ने कहा है कि सरकार इसी आधार पर चुनी गई है और अब इसी दिशा में काम किया जाएगा। प्रांत के नए प्रीमियर पॉल सेंट-पियरे प्लामोंडों ने भी पहले कहा था कि बच्चों को स्कूल भेजने के साथ कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है और धार्मिक प्रतीकों को हटाना भी उनमें शामिल हो सकता है।
पहले भी लगाई जा चुकी हैं कई पाबंदियां
यह फैसला अप्रैल में लागू किए गए प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने वाला है। पिछली कोएलिशन एवेनिर क्यूबेक सरकार ने सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त निजी संस्थानों और बाल देखभाल केंद्रों में धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाई थी। इसके अलावा सड़कों और पार्कों में सामूहिक धार्मिक गतिविधियों पर भी पाबंदी लगाई गई थी।
2019 से शुरू हुआ धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध
क्यूबेक में धार्मिक पहचान के प्रतीकों पर पाबंदियों की शुरुआत 2019 में हुई थी। उस समय लागू धर्मनिरपेक्षता कानून के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान पगड़ी, हिजाब जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने से रोक दिया गया था। अब नई सरकार इस दायरे को स्कूलों तक बढ़ाने की तैयारी में है। इससे धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक पहचान और बच्चों के अधिकारों को लेकर कनाडा में नई बहस छिड़ने की संभावना है।