Rama Ekadashi 2026: रमा एकादशी के दिन क्या करें और किन कामों से बचें? व्रत रखने वाले जरूर जान लें ये नियम

Edited By Updated: 02 Nov, 2026 04:48 PM

rama ekadashi 2026

सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बहुत खास मानी जाती है। इन्हीं एकादशियों में रमा एकादशी का भी विशेष महत्व है।

Rama Ekadashi 2026 Fasting Rules : सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बहुत खास मानी जाती है। इन्हीं एकादशियों में रमा एकादशी का भी विशेष महत्व है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इस एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा करने और  व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी  परेशानियां दूर हो जाती है और मन की हर मनोकामान पूरी होती है। इस साल रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर, 2026 को रखा जाएगा। अगर आप भी इस दिन व्रत रखने की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ  जरूरी नियमों को जान लेना चाहिए। तो आइए जानते हैं रमा एकादशी पर क्या करना चाहिए और किन कामों से परहेज करना  चाहिए।

Rama Ekadashi 2026 Fasting Rules

रमा एकादशी के दिन क्या करें?

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ करें और भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें। भगवान को पीले फूल, चंदन और तुलसी दल अर्पित करें।

विष्णु मंत्र का जाप करें
इस दिन भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं।

रमा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें
एकादशी पर व्रत कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है। मान्यता है कि कथा के श्रवण से व्रत का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

जरूरतमंदों की सहायता करें
इस पावन दिन पर गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, फल, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें। सेवा और दान को पुण्यकारी माना जाता है।

सात्विक आचरण अपनाएं
दिनभर मन को शांत रखें और भगवान का स्मरण करें। भजन-कीर्तन, ध्यान और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने में समय बिताएं।

Rama Ekadashi 2026 Fasting Rules

रमा एकादशी पर किन कामों से बचें?

अनाज और दालों का सेवन न करें
एकादशी व्रत में चावल, गेहूं, दाल और अन्य अनाजों से परहेज करने की परंपरा है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार या अपनी परंपरा के अनुसार व्रत का भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

तामसिक भोजन से दूर रहें
इस दिन मांसाहार और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। कई परिवारों में प्याज और लहसुन से भी परहेज किया जाता है।

क्रोध और कटु वाणी से बचें
व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि मन और व्यवहार को संयमित रखने का भी अवसर है। इसलिए किसी से विवाद करने, अपशब्द बोलने और दूसरों को दुख पहुंचाने से बचें।

दूसरों की निंदा न करें
एकादशी के दिन दूसरों की बुराई करने के बजाय अपने विचारों और व्यवहार को सकारात्मक रखने का प्रयास करें।

पारण में लापरवाही न करें
एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में निर्धारित समय पर किया जाता है। व्रत खोलने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार पारण का समय जरूर जान लें।

Rama Ekadashi 2026 Fasting Rules

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