Edited By Prachi Sharma,Updated: 05 Mar, 2026 03:40 PM

Rang Panchami Upay : हिंदू धर्म में रंग पंचमी का पर्व न केवल रंगों के उत्सव का समापन है बल्कि यह देवताओं को प्रसन्न करने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का एक अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली यह...
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Rang Panchami Upay : हिंदू धर्म में रंग पंचमी का पर्व न केवल रंगों के उत्सव का समापन है बल्कि यह देवताओं को प्रसन्न करने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का एक अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली यह पंचमी मुख्य रूप से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए जानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आसमान में गुलाल उड़ाने से सात्विक तरंगों का संचार होता है और देवी-देवता पृथ्वी पर आकर्षित होते हैं। यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या जीवन में सुख-समृद्धि की कामना रखते हैं, तो रंग पंचमी पर किए गए विशेष उपाय आपके भाग्य के द्वार खोल सकते हैं।
रंग पंचमी का आध्यात्मिक महत्व
होली के पांचवें दिन मनाई जाने वाली रंग पंचमी को देव पंचमी भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन ब्रह्मांड के रज और तम गुण समाप्त हो जाते हैं और शुद्ध सात्विक तत्व प्रभावी होते हैं। जब भक्त श्रद्धापूर्वक रंगों का प्रयोग करते हैं, तो वे सीधे दैवीय ऊर्जा से जुड़ते हैं। माता लक्ष्मी, जो चंचलता और समृद्धि की देवी हैं, इस दिन सात्विक भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होती हैं।
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के अचूक उपाय
कनकधारा स्तोत्र और श्री सूक्त का पाठ
धन की देवी को स्थायी रूप से घर में निवास कराने के लिए इस दिन कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना रामबाण माना जाता है। सुबह स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण करें। मां लक्ष्मी के चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं और कनकधारा स्तोत्र या श्री सूक्त का तीन बार पाठ करें। इससे घर की दरिद्रता दूर होती है।
कमल के फूल और गुलाबी गुलाल
मां लक्ष्मी को कोमलता और सुगंध प्रिय है। रंग पंचमी पर मां लक्ष्मी को लाल या गुलाबी रंग के कमल के फूल अर्पित करें। इसके बाद उनके चरणों में शुद्ध गुलाबी गुलाल चढ़ाएं। पूजा के बाद इस गुलाल को तिजोरी या धन रखने के स्थान पर छिड़कें। यह उपाय धन के नए मार्ग खोलता है।
शंख और कौड़ियों का पूजन
शंख और कौड़ियां समुद्र मंथन से उत्पन्न हुई थीं इसलिए इन्हें मां लक्ष्मी का भाई माना जाता है। 5 पीली कौड़ियां लें और उन्हें हल्दी के घोल में भिगोकर मां के चरणों में रखें। पूजा के बाद इन कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। इसके साथ ही इस दिन दक्षिणावर्ती शंख से घर में गंगाजल छिड़कें, जिससे नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो।
केसर और चंदन का तिलक
आर्थिक उन्नति के लिए केसर का प्रयोग अत्यंत शुभ है। केसर और सफेद चंदन को मिलाकर एक लेप बनाएं। इस लेप से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का तिलक करें। फिर उसी तिलक को अपने माथे पर लगाएं। इससे आपके व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है और व्यापार में सफलता मिलती है।
घर की बरकत के लिए वास्तु उपाय
मुख्य द्वार का पूजन: सुबह जल्दी उठकर मुख्य द्वार को साफ करें और हल्दी से स्वास्तिक बनाएं। प्रवेश द्वार पर आम के पत्तों का वंदनवार लगाएं। लक्ष्मी जी का प्रवेश वहीं से होता है जो घर साफ और सजा हुआ हो।
उत्तर दिशा का शुद्धिकरण: उत्तर दिशा कुबेर और लक्ष्मी की मानी जाती है। इस कोने में एक तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें थोड़े फूल और इत्र डालें। इससे सकारात्मकता बनी रहती है।