Vastu Upay : बीमारियों और क्लेश से पाना है छुटकारा ? बस पूजा की रुई की बत्ती के साथ करें ये एक छोटा सा वास्तु उपाय

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 04:24 PM

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घर की सुख-समृद्धि और शांति का सीधा संबंध हमारे पूजा घर से होता है। अक्सर हम पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ तो करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी बारीकियां भूल जाते हैं जो वास्तु के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।

Vastu Upay : घर की सुख-समृद्धि और शांति का सीधा संबंध हमारे पूजा घर से होता है। अक्सर हम पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ तो करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी बारीकियां भूल जाते हैं जो वास्तु के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके मंदिर में जलने वाले दीपक की रुई की बत्ती केवल रोशनी का माध्यम नहीं, बल्कि बीमारियों और घर के कलह को दूर करने का एक शक्तिशाली अस्त्र भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बत्ती का आकार और उसे जलाने का तरीका हमारे घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है। अगर आपके घर में बेवजह तनाव रहता है या कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार रहता है, तो संभव है कि आपके घर के दीपक में सही बत्ती का चुनाव नहीं हो रहा है। तो आइए जानते हैं रुई की बत्ती से जुड़े उपाय के बारे में-

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लंबी बत्ती बनाम गोल बत्ती 
लंबी बत्ती : इसे वंश वृद्धि और लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक माना जाता है। लेकिन, इसे हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जलाना चाहिए। इससे घर के मुखिया का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और पितृ दोष शांत होता है।

गोल बत्ती : इसे देवताओं की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है। घर के मंदिर में गोल बत्ती का उपयोग करने से मन में स्थिरता आती है और मानसिक तनाव कम होता है, जिससे आपसी क्लेश में कमी आती है।

केसर और हल्दी का जादुई प्रयोग 
यदि घर में कोई लंबे समय से बीमार है, तो रुई की बत्ती बनाने के बाद उस पर हल्का सा केसर या शुद्ध हल्दी लगा दें। जब यह बत्ती घी के साथ जलती है, तो वातावरण में सूक्ष्म औषधीय तत्व और सकारात्मक तरंगें फैलती हैं। ज्योतिषीय रूप से यह गुरु ग्रह को मजबूत करता है, जो आरोग्य और शांति का कारक है।

लाल धागे या कलावा की बत्ती 
अगर घर में बेवजह झगड़े होते हैं, तो मंगलवार और शनिवार के दिन लाल रंग के सूती धागे (कलावा) की बत्ती बनाकर चमेली के तेल या घी का दीया जलाएं। लाल रंग ऊर्जा और साहस का प्रतीक है, जो घर के सदस्यों के बीच के मनमुटाव को खत्म कर प्रेम बढ़ाता है।

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तेल बनाम घी: किसका चयन करें ?
गाय का शुद्ध घी: घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) के प्रवाह के लिए घी की बत्ती सबसे श्रेष्ठ है।

तिल का तेल: यदि घर पर किसी की बुरी नजर या नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव है, तो तिल के तेल की बत्ती जलाएं। यह घर के सुरक्षा कवच को मजबूत करती है।

बत्ती जलाते समय ध्यान रखने योग्य वास्तु नियम
खंडित न हो: रुई की बत्ती कभी भी गंदी या बीच से टूटी हुई नहीं होनी चाहिए। यह खंडित ऊर्जा पैदा करती है।

दीये की सफाई: पुराना जला हुआ काला हिस्सा बत्ती से हटाकर ही दोबारा जलाएं। जूठी या जली हुई बत्ती दरिद्रता लाती है।

दिशा का महत्व: दीये को हमेशा इस तरह रखें कि उसकी लौ उत्तर या पूर्व की ओर रहे। दक्षिण दिशा की ओर लौ केवल पितरों के लिए विशेष स्थितियों में रखी जाती है।

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