Sabarimala Mandir Women Entry : क्या बदलेंगे सबरीमाला मंदिर के नियम ? 9 जज तय करेंगे महिलाओं की एंट्री का भविष्य

Edited By Updated: 17 Feb, 2026 08:41 AM

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि 9 सदस्यीय संविधान पीठ केरल के सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न धर्मों में और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से संबंधित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगी।  चीफ जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और...

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नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि 9 सदस्यीय संविधान पीठ केरल के सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न धर्मों में और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से संबंधित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगी।  चीफ जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि यह पीठ 7 अप्रैल को विभिन्न याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू करेगी। इसने कहा कि सुनवाई 22 अप्रैल को पूरी होने की संभावना है। 

पीठ ने संबद्ध पक्षों को 14 मार्च या इससे पहले अपने लिखित अभ्यावेदन दाखिल करने को कहा। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्होंने सबरीमाला से संबंधित उस फैसले पर पुनर्विचार के अनुरोध का समर्थन किया है, जिसमें केरल के इस पवित्र पर्वतीय मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी। सबरीमाला फैसले की समीक्षा का समर्थन करने वाले पक्षों के लिए पीठ ने वकील कृष्ण कुमार सिंह को नोडल अधिवक्ता नियुक्त किया। 
 

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