Edited By Prachi Sharma,Updated: 08 Feb, 2026 08:37 AM

Radha Rani Mandir Barsana : बरसाना स्थित श्री राधा रानी मंदिर में जल्द ही दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले समय में बिना टोकन के भक्तों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। होली के बाद यहां टोकन आधारित दर्शन प्रणाली लागू करने की...
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Radha Rani Mandir Barsana : बरसाना स्थित श्री राधा रानी मंदिर में जल्द ही दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले समय में बिना टोकन के भक्तों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। होली के बाद यहां टोकन आधारित दर्शन प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि लगातार बढ़ रही भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
मिली जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था को लेकर दिल्ली की एक कंपनी ने मंदिर प्रबंधन के सामने ट्रायल प्रेजेंटेशन पेश किया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। यदि कोर्ट से मंजूरी मिल जाती है, तो होली के बाद यह सिस्टम लागू किया जा सकता है।
दरअसल, वृंदावन के बाद बरसाना ब्रज क्षेत्र का दूसरा सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अत्यधिक भीड़ के कारण कई बार भक्तों और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में भीड़ के चलते श्रद्धालुओं की तबीयत भी बिगड़ जाती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए नई व्यवस्था लाने का निर्णय लिया गया है।
ट्रायल के दौरान मंदिर आने वाले भक्तों को टोकन देकर दर्शन करवाए गए, जिससे वे निर्धारित क्रम में आसानी से राधा रानी के दर्शन कर सकें। यह व्यवस्था रोपवे और परिक्रमा मार्ग से आने वाले सभी श्रद्धालुओं पर समान रूप से लागू होगी।
हालांकि मंदिर में पहले से ही रेलिंग के जरिए लाइन व्यवस्था बनाई गई है लेकिन कई बार लोग जल्दी दर्शन करने के लिए दूसरी कतारों में घुस जाते हैं, जिससे अव्यवस्था फैल जाती है। टोकन सिस्टम लागू होने के बाद हर भक्त को तय नंबर मिलेगा और उसी के अनुसार उसे प्रवेश और निकास मिलेगा, जिससे लाइन में अनुशासन बना रहेगा।
मंदिर की रिसीवर समिति के सदस्य सुशील गोस्वामी ने बताया कि कंपनी द्वारा दिया गया ट्रायल प्रेजेंटेशन जल्द ही कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन की सुविधा मिल सकेगी।