Edited By Prachi Sharma,Updated: 23 Feb, 2026 01:36 PM
Masik Durga Ashtami 2026 : हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का दिन शक्ति की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में आने वाली दुर्गाष्टमी की तिथियां भक्तों के लिए...
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Masik Durga Ashtami 2026 : हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का दिन शक्ति की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में आने वाली दुर्गाष्टमी की तिथियां भक्तों के लिए विशेष फलदायी रहने वाली हैं। मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आ रही बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। यदि आपके जीवन में आर्थिक तंगी, गृह क्लेश, या करियर में रुकावटें आ रही हैं तो ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में बताए गए कुछ सरल उपाय आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं।
आर्थिक तंगी दूर करने के लिए उपाय
लौंग और कपूर का उपाय: अष्टमी की शाम को एक कटोरी में कपूर जलाएं और उसमें 2 साबुत लौंग डाल दें। इसे पूरे घर में घुमाएं और अंत में मां दुर्गा की आरती करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और धन आगमन के मार्ग खुलते हैं।
मां दुर्गा को एक लाल चुनरी में 5 कौड़ियां और एक चांदी का सिक्का बांधकर अर्पित करें। पूजा के बाद इसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें।
नौकरी और करियर में सफलता के लिए
करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मासिक दुर्गाष्टमी पर बुध और राहु के दोषों को शांत करना जरूरी होता है क्योंकि ये ग्रह निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
चने का भोग: मां दुर्गा को चने या हलवे का भोग लगाएं। इसके बाद इस प्रसाद को छोटी कन्याओं में बांट दें। कन्या पूजन को साक्षात देवी का रूप माना जाता है, जिससे करियर की बाधाएं समाप्त होती हैं।
शमी के पत्ते: यदि कार्यक्षेत्र में शत्रु बाधा पहुंचा रहे हैं, तो मां दुर्गा के चरणों में शमी के 21 पत्ते अर्पित करें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
सुखद वैवाहिक जीवन और विवाह के योग
जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है या वैवाहिक जीवन में तनाव है, उनके लिए दुर्गाष्टमी का दिन विशेष है।
सोलह श्रृंगार अर्पित करें: मां गौरी को प्रसन्न करने के लिए अष्टमी के दिन उन्हें सोलह श्रृंगार की सामग्री भेंट करें। यदि संभव हो, तो यह सामग्री किसी सुहागिन महिला को दान स्वरूप दें।
शहद का भोग: मां दुर्गा को शहद का भोग लगाने से स्वभाव में सौम्यता आती है और आपसी रिश्तों के कड़वाहट दूर होती है।

स्वास्थ्य लाभ और रोग मुक्ति के लिए
मिश्री और मखाने का दान: सफेद खाद्य पदार्थ जैसे मिश्री, मखाने या खीर का दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
दुर्गा चालीसा का पाठ: अष्टमी की रात को लाल आसन पर बैठकर दुर्गा चालीसा या अर्गाला स्तोत्रका पाठ करें। इसकी ध्वनि तरंगे घर के वातावरण को शुद्ध करती हैं।
विशेष मंत्रों का जाप
उपायों के साथ-साथ मंत्रों का जाप चमत्कारिक प्रभाव डालता है। अष्टमी की रात को रुद्राक्ष की माला से निम्न मंत्रों का जाप करें:
सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः