Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Feb, 2026 04:51 PM

हमारे समाज में सांपों को लेकर जितनी दहशत है, उतनी ही कहानियां और मान्यताएं भी प्रचलित हैं। इन्हीं में से एक सबसे चर्चित मान्यता यह है कि सांप कभी भी किसी गर्भवती महिला को नुकसान नहीं पहुंचाता।
Snake and Pregnant Woman : हमारे समाज में सांपों को लेकर जितनी दहशत है, उतनी ही कहानियां और मान्यताएं भी प्रचलित हैं। इन्हीं में से एक सबसे चर्चित मान्यता यह है कि सांप कभी भी किसी गर्भवती महिला को नुकसान नहीं पहुंचाता। कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि गर्भवती महिला की आहट पाकर सांप अपनी जगह पर स्थिर हो जाता है या उसे दिखाई देना बंद हो जाता है। तो आइए जानते हैं इसके पीछे छुपे रहस्य के बारे में-
क्या कहती है पौराणिक मान्यता ?
धार्मिक और पौराणिक संदर्भों में सांपों को 'नाग देवता' के रूप में पूजा जाता है। कई लोग इसे 'मातृत्व की शक्ति' से जोड़कर देखते हैं। मान्यता है कि प्रकृति एक नई जान की रक्षा करती है, इसलिए सांप जैसा जहरीला जीव भी मां के सम्मान में पीछे हट जाता है। ग्रामीण इलाकों में इसे दैवीय कृपा माना जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स ?
विज्ञान इन मान्यताओं को सिरे से खारिज करता है। सरीसृप विशेषज्ञों के अनुसार सांपों की दृष्टि बहुत तेज नहीं होती। वे मुख्य रूप से कंपन और गर्मी के माध्यम से अपने आसपास के वातावरण को समझते हैं। उनके पास ऐसा कोई सेंसर नहीं है जो यह पहचान सके कि कोई महिला गर्भवती है या नहीं। कुछ लोगों का तर्क है कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों की गंध से सांप दूर भागते हैं। हालांकि, शोध में इस बात का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि सांप इन गंधों के प्रति संवेदनशील होते हैं या इनसे डरते हैं। सांप केवल तभी काटता है जब उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। यदि किसी का पैर अनजाने में सांप पर पड़ जाए, तो वह अपनी रक्षा में काटेगा ही, चाहे सामने वाला कोई भी हो।
यह भ्रम खतरनाक क्यों हो सकता है ?
ऐसी मान्यताओं पर आंख मूंदकर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। अगर कोई गर्भवती महिला यह सोचकर बेफिक्र हो जाए कि सांप उसे नहीं काटेगा, तो वह सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर सकती है। यदि कभी ऐसी स्थिति आए, तो लोग डॉक्टरी इलाज के बजाय झाड़-फूंक या चमत्कारों के इंतजार में समय बर्बाद कर सकते हैं।

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