Swami Vivekananda Story : सफलता से पहले क्यों मिलती है असफलता ? स्वामी विवेकानंद की कहानी से समझें इसका राज

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 12:37 PM

swami vivekananda story

स्वामी विवेकानंद अपने आश्रम में सुबह-सुबह टहल रहे थे। एक पालतू कुत्ता भी उनके साथ में पीछे-पीछे चल रहा था। उसी समय एक युवक उनके पास आया और अपनी परेशानी बताते हुए कहने लगा, “स्वामी जी, मैं बहुत परेशान हूं।

Swami Vivekananda Story : स्वामी विवेकानंद अपने आश्रम में सुबह-सुबह टहल रहे थे। एक पालतू कुत्ता भी उनके साथ में पीछे-पीछे चल रहा था। उसी समय एक युवक उनके पास आया और अपनी परेशानी बताते हुए कहने लगा, “स्वामी जी, मैं बहुत परेशान हूं। खूब मेहनत करता हूं पर मुझे सफलता नहीं मिलती है। कृपया आप मेरी मदद करें।” 

Swami Vivekananda Story

स्वामी जी उसकी परेशानी समझ गए। उन्होंने कहा, “भाई तुम इस कुत्ते को सैर करा दो, मैं तुम्हारे प्रश्नों का जवाब दे दूंगा।”

लेकिन स्वामी जी की बात मानकर वह कुत्ते को लेकर टहलाने निकल गया। लगभग एक-डेढ़ घंटे तक कुत्ते को टहलाने के बाद युवक आश्रम में लौटा। आश्रम में स्वामी जी एक जगह बैठे थे। उन्होंने देखा कि युवक के चेहरे पर थकावट नहीं है, पर कुत्ता जोर-जोर से हांफ रहा है। स्वामी जी ने युवक से पूछा, “तुम्हारे चेहरे पर तो थकावट नहीं दिख रही है, पर यह कुत्ता इतना हांफ क्यों रहा है?”

Swami Vivekananda Story

युवक ने जवाब दिया, “स्वामी जी मैं तो इसके पीछे-पीछे चल रहा था। पर यह कभी इधर भागता था, कभी उधर।  यह दौड़ते-दौड़ते थक गया। स्वामी जी ने युवक से कहा, “देखो, इसी में तुम्हारे प्रश्न का उत्तर है। दूसरों का पीछा करते हुए, इधर-उधर भागते हुए तुम थक गए हो। तुम्हें क्या करना है?

यह तुम्हें पता होना चाहिए। ज्यादा भागदौड़ से कुछ हासिल होने वाला नहीं है। तुम्हारी सफलता तुम्हारे आसपास ही है। तुम्हें अपनी क्षमता पहचान कर लक्ष्य पर सारी ऊर्जा केंद्रित कर काम में लग जाना होगा। तुम्हें सफलता अवश्य मिलेगी।” युवक स्वामी जी के उत्तर से संतुष्ट हो गया।

Swami Vivekananda Story

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!