Edited By Prachi Sharma,Updated: 10 Jan, 2026 08:32 AM

Ujjain Mahakal Mahotsav 2026 : भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन एक बार फिर आध्यात्म, संगीत और लोकसंस्कृति के उत्सव का साक्षी बनने जा रही है। 14 से 18 जनवरी तक आयोजित होने वाले महाकाल महोत्सव में श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को भक्ति और सांस्कृतिक...
Ujjain Mahakal Mahotsav 2026 : भगवान महाकाल की पावन नगरी उज्जैन एक बार फिर आध्यात्म, संगीत और लोकसंस्कृति के उत्सव का साक्षी बनने जा रही है। 14 से 18 जनवरी तक आयोजित होने वाले महाकाल महोत्सव में श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से भरे कार्यक्रम देखने को मिलेंगे। प्रतिदिन शाम 7 बजे से शुरू होने वाले इन आयोजनों में लोकनृत्य, शास्त्रीय प्रस्तुतियां और प्रसिद्ध कलाकारों के संगीत कार्यक्रम शामिल रहेंगे। इस अवसर पर शंकर–एहसान–लॉय और लोकप्रिय गायिका सोना महापात्रा जैसी जानी-मानी हस्तियां भी मंच पर अपनी प्रस्तुतियां देंगी।
14 जनवरी से होगी महोत्सव की शुरुआत
महोत्सव का शुभारंभ 14 जनवरी को जनजातीय लोकनृत्यों और कला यात्राओं के साथ किया जाएगा। गोंड समाज का सैला नृत्य, बैगा जनजाति का परधौनी नृत्य और भील समाज का पारंपरिक भगोरिया नृत्य जैसे रंगारंग कार्यक्रम दर्शकों को लोकसंस्कृति से रूबरू कराएंगे। दिन में शहर की सड़कों पर निकलने वाली कला यात्राएं भी उत्सव का विशेष आकर्षण होंगी।
16 जनवरी को सोना महापात्रा की प्रस्तुति
महोत्सव के दूसरे चरण में 16 जनवरी को सोना महापात्रा शिव भक्ति और सूफी संगीत की प्रस्तुति देंगी। उनकी आवाज में प्रस्तुत भजन और गीत श्रोताओं को भक्तिभाव से भर देंगे। इसी दिन कोरक, भील और बैगा जनजातियों के कलाकार भी अपने पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे।
17 जनवरी को संगीतमय संध्या
17 जनवरी को विशेष संगीत संध्या आयोजित की जाएगी, जिसमें शास्त्रीय और समकालीन गायन प्रस्तुत किया जाएगा। कलाकार शिव आराधना और आध्यात्मिक रचनाओं के माध्यम से वातावरण को भक्तिरस से सराबोर करेंगे।
18 जनवरी को भव्य समापन
महोत्सव का समापन 18 जनवरी को शिव केंद्रित डांस-ड्रामा के साथ होगा। कथकली और अन्य शास्त्रीय नृत्य शैलियों के माध्यम से भगवान शिव के विविध रूपों को मंच पर जीवंत किया जाएगा।
प्रशासन की तैयारियां
महोत्सव को लेकर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती की व्यवस्था की जा रही है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस और सुरक्षा बल पूरे समय तैनात रहेंगे।
श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने आगंतुकों से समय पालन, शांति और अनुशासन बनाए रखने का अनुरोध किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दीपदान, प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक आयोजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि सभी भक्त सुरक्षित और सहज रूप से महाकाल महोत्सव का आनंद ले सकें।
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