Edited By Sarita Thapa,Updated: 13 Feb, 2026 01:45 PM

महाशिवरात्रि के महापर्व पर उज्जैन में उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने तकनीक का एक शानदार पुल बनाया है। उज्जैन पुलिस और मंदिर प्रशासन ने Google Maps के साथ मिलकर एक खास ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है।
Ujjain Mahakal Mandir Mahashivratri Special : विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 तकनीक और आस्था के अनूठे संगम के साथ मनाया जाएगा। करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने ट्रैफिक की टेंशन को जड़ से खत्म करने के लिए एक हाईटेक रास्ता निकाला है। इस साल आपको मंदिर पहुंचने के लिए न तो लंबी कतारों में उलझना होगा और न ही पार्किंग की तलाश में गलियों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
प्रशासन ने इस बार Google Maps को अपना डिजिटल सारथी बनाया है। पुलिस की एक विशेष आईटी टीम रीयल-टाइम में मैप्स के डेटा को अपडेट करेगी, जिससे श्रद्धालुओं को सीधे उनके मोबाइल पर यह जानकारी मिलेगी कि कौन सा रास्ता खाली है और कहां पार्किंग उपलब्ध है। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर डिजिटल क्राउड मैनेजमेंट का इस्तेमाल कर भक्तों के सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने की तैयारी की गई है। आइए जानते हैं, कैसे एक क्लिक पर आप बिना किसी रुकावट के सीधे बाबा महाकाल के द्वार तक पहुंच सकते हैं।
इस बार क्या रहेगा खास ?
रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट: पुलिस की एक स्पेशल आईटी टीम और साइबर सेल मिलकर गूगल मैप्स के डेटा को रियल टाइम में अपडेट करेगी। इसका मतलब है कि यदि किसी रास्ते पर ज्यादा भीड़ या जाम होगा, तो गूगल मैप्स उसे ऑटोमैटिकली 'ब्लॉक' दिखाएगा।
सुगम और खाली रूट: श्रद्धालुओं को गूगल मैप्स पर केवल वही रास्ते दिखाई देंगे जो पूरी तरह खाली और सुरक्षित हैं। इससे भक्त शहर के अंदरूनी जाम में फंसे बिना सीधे मंदिर या पार्किंग तक पहुंच सकेंगे।
पार्किंग स्पॉट की जानकारी: शहर के 6 प्रमुख पार्किंग स्थलों (जैसे कर्कराज, मेघदूत, और चारधाम पार्किंग) की लाइव स्थिति गूगल मैप्स पर उपलब्ध होगी। जैसे ही कोई पार्किंग फुल होगी, मैप्स आपको दूसरे खाली पार्किंग स्थल की ओर गाइड करेगा।
ट्रैफिक जवानों की तैनाती: करीब 250 ट्रैफिक जवान और 2000 पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे, जो ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भीड़ पर नजर रखेंगे।
याद रखने योग्य: यह व्यवस्था 14 फरवरी की रात से लेकर 16 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े और वे सुगमता से दर्शन कर सकें।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष टिप्स
गूगल मैप्स का उपयोग करें: उज्जैन में प्रवेश करते समय मैप्स पर Mahakal Parking सर्च करें, यह आपको सबसे खाली और नजदीकी स्पॉट दिखाएगा।
पार्किंग स्थल: यदि आप इंदौर या देवास की तरफ से आ रहे हैं, तो कर्कराज या मेघदूत पार्किंग आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
हेल्पलाइन: किसी भी असुविधा होने पर ट्रैफिक पुलिस के कंट्रोल रूम या मंदिर के पूछताछ केंद्रों से संपर्क करें।
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