Ujjain mahakal mandir news : सनातनी पहचान पर जोर ! क्या चारधाम की तर्ज पर महाकाल मंदिर में भी बंद होंगे गैर-हिंदुओं के रास्ते ?

Edited By Updated: 30 Jan, 2026 08:08 AM

ujjain mahakal mandir news

देवभूमि उत्तराखंड के चारधाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद की गूंज अब मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन तक पहुंच गई है।

Ujjain mahakal mandir news : देवभूमि उत्तराखंड के चारधाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद की गूंज अब मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन तक पहुंच गई है। विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में भी अब गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग तेजी से उठने लगी है।

संत समाज और हिंदू संगठनों की हुंकार
उज्जैन के प्रमुख संतों और कई हिंदू संगठनों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि महाकाल मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा को देखते हुए यहां भी चारधाम जैसी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। संतों का तर्क है कि मंदिर 'पर्यटन स्थल' नहीं, बल्कि 'आस्था के केंद्र' हैं। यहाँ केवल उन्हीं को प्रवेश मिलना चाहिए जो सनातन धर्म और इसकी मर्यादाओं में पूर्ण विश्वास रखते हों।

आधार कार्ड और पहचान पत्र की अनिवार्यता पर जोर
इस मांग के साथ यह सुझाव भी दिया गया है कि मंदिर के प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं के पहचान पत्र की कड़ाई से जांच होनी चाहिए। संगठनों का कहना है कि अक्सर गैर-सनातनी लोग केवल मनोरंजन या रील बनाने के उद्देश्य से परिसर में प्रवेश करते हैं, जिससे मंदिर की शुचिता भंग होती है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

चारधाम का उदाहरण बना आधार
हाल ही में उत्तराखंड में कई मंदिरों के बाहर 'गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है' के बोर्ड लगाए गए थे। उज्जैन के संतों का कहना है कि जब अन्य धर्मों के पवित्र स्थलों पर विशेष नियम लागू हो सकते हैं, तो महाकाल मंदिर की सुरक्षा और परंपराओं की रक्षा के लिए ऐसे सख्त कदम उठाना अनिवार्य है।

प्रशासन की स्थिति
फिलहाल, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, लेकिन बढ़ते दबाव और सुरक्षा कारणों को देखते हुए इस मुद्दे पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है। 'महाकाल लोक' बनने के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिससे व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने की चुनौती बढ़ गई है।

भक्तों की राय
आम भक्तों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। जहां एक बड़ा वर्ग इसे धर्म की रक्षा के लिए जरूरी मान रहा है, वहीं कुछ का मानना है कि आस्था के द्वार सबके लिए खुले होने चाहिए, बशर्ते नियमों का पालन हो।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!