Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Feb, 2026 08:50 AM

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था और भक्ति का महापर्व शिवनवरात्रि शुरू हो रहा है। यह उत्सव भगवान शिव के विवाह के उल्लास के रूप में मनाया जाता है, जो अगले 10 दिनों तक चलेगा।
Ujjain Shivnavratri 2026 : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था और भक्ति का महापर्व शिवनवरात्रि शुरू हो रहा है। यह उत्सव भगवान शिव के विवाह के उल्लास के रूप में मनाया जाता है, जो अगले 10 दिनों तक चलेगा। आज यानी 6 फरवरी 2026 से अवंतिका नगरी में शिवनवरात्रि का मंगल शुभारंभ हो रहा है। मान्यता है कि जिस तरह माता दुर्गा की नौ दिनों तक आराधना होती है, उसी तरह उज्जैन में भगवान महाकाल के विवाह का उत्सव नौ दिनों तक मनाया जाता है।
आज के विशेष अनुष्ठान और श्रृंगार
कोटेश्वर महादेव का पूजन: परंपरा के अनुसार, उत्सव के पहले दिन सबसे पहले कोटितीर्थ कुंड के तट पर स्थित भगवान कोटेश्वर महादेव का अभिषेक और विशेष पूजन किया जाता है।
हल्दी की रस्म: भगवान को केसर युक्त हल्दी अर्पित की जाती है, जिसे उनके विवाह की रस्मों की शुरुआत माना जाता है।
पहला श्रृंगार: पहले दिन बाबा महाकाल का चंदन श्रृंगार किया जाएगा। उन्हें नए वस्त्र (सोला और दुपट्टा) धारण कराए जाएंगे और मुकुट, मुंडमाल व छत्र से सुसज्जित किया जाएगा।
विशेष अभिषेक: मंदिर के गर्भगृह में 11 ब्राह्मणों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक और 'नमक-चमक' पाठ किया जाएगा।
10 दिनों तक बदलेंगे भगवान के स्वरूप
इस महोत्सव के दौरान महाकाल हर दिन एक नए और दिव्य रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।
घटाटोप श्रृंगार
छबीना श्रृंगार
होलकर श्रृंगार
मनमहेश श्रृंगार
तांडव श्रृंगार
शिवतांडव स्वरूप और अंत में, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन भगवान को सेहरा चढ़ाया जाएगा।
भक्तों के लिए जरूरी जानकारी
आरती के समय में बदलाव: शिवनवरात्रि के दौरान पूजा के विशेष क्रम के कारण भोग आरती और संध्या आरती के समय में परिवर्तन रहता है।
महाशिवरात्रि (15 फरवरी): उत्सव का समापन महाशिवरात्रि पर होगा, जब मंदिर के पट लगातार 44 घंटों तक खुले रहेंगे ताकि लाखों श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
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