Edited By Prachi Sharma,Updated: 01 Apr, 2026 07:47 AM

Ujjain Mahakal : उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल इस मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के...
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Ujjain Mahakal : उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल इस मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग तेज हो गई है। उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया और राज्यसभा सदस्य संत उमेशनाथ ने इस मुद्दे को संसद में उठाते हुए मंदिर परिसर में CISF की तैनाती की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।
सांसद अनिल फिरोजिया काफी समय से महाकाल मंदिर की सुरक्षा केंद्रीय बल को सौंपने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कई बार पत्र भी लिख चुके हैं। हाल ही में राज्यसभा में भी यह मुद्दा उठाया गया, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को फिर से पत्र भेजकर CISF तैनात करने की मांग दोहराई है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव हो सकते हैं, खासतौर पर सिंहस्थ मेले को देखते हुए। उज्जैन एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं, इसलिए सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर साबित हो सकती है। फिलहाल मंदिर की सुरक्षा करीब 800 निजी गार्ड्स के जिम्मे है, लेकिन उनकी ट्रेनिंग और क्षमता को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी है कि महाकाल मंदिर की सुरक्षा कब तक CISF को सौंपी जाती है।