Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 Feb, 2026 08:42 AM

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के मुख्य ढांचे के पूर्ण होने के बाद, अब रामजन्मभूमि परिसर के अन्य पूरक मंदिरों का कार्य भी अंतिम चरण में है। इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।
Ayodhya Ram Mandir News : अयोध्या में भव्य राम मंदिर के मुख्य ढांचे के पूर्ण होने के बाद, अब रामजन्मभूमि परिसर के अन्य पूरक मंदिरों का कार्य भी अंतिम चरण में है। इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मंदिर परिसर के दक्षिणी हिस्से में परकोटे के बाहर निर्मित सात ऋषियों के मंदिर और शेषावतार मंदिर अब पूरी तरह से ट्रस्ट की देखरेख में आ गए हैं।
निर्माण एजेंसी ने इन मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा करने के बाद इन्हें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है। अब इनकी सफाई, साज-सज्जा और दर्शन व्यवस्था की जिम्मेदारी ट्रस्ट संभालेगा। सप्तर्षि मंदिरों के अलावा परिसर में स्थित अन्य पूरक मंदिरों को भी क्रियाशील करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें भगवान शिव, सूर्यदेव, गणपति, हनुमान जी, माँ भगवती और माँ अन्नपूर्णा के मंदिर शामिल हैं।
पहले इन मंदिरों में फरवरी 2026 से ही दर्शन शुरू करने की योजना थी, लेकिन सुरक्षा और परकोटे के कुछ तकनीकी कार्यों के कारण इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि मार्च या अप्रैल 2026 तक श्रद्धालुओं के लिए सप्तर्षि और अन्य पूरक मंदिरों के मार्ग पूरी तरह से खोल दिए जाएंगे। ये मंदिर उन सात महान ऋषियों को समर्पित हैं जिनका भगवान राम के जीवन में गहरा महत्व था।
श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा ?
जैसे ही इन मंदिरों में दर्शन शुरू होंगे, रामलला के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को रामायण काल के अन्य प्रमुख पात्रों और ऋषियों के प्रति भी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। इससे रामजन्मभूमि परिसर की दिव्यता और अधिक बढ़ जाएगी।
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