Edited By Sarita Thapa,Updated: 03 Jan, 2026 03:59 PM

वास्तु शास्त्र में घर की खिड़कियों को केवल रोशनी और ताजी हवा का माध्यम नहीं, बल्कि ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य द्वार माना जाता है। सही दिशा और सही संख्या में खिड़कियां होने से घर में सुख-समृद्धि आती है, वहीं गलत चुनाव मानसिक और आर्थिक तनाव का कारण बन...
Vastu Rules for Windows : वास्तु शास्त्र में घर की खिड़कियों को केवल रोशनी और ताजी हवा का माध्यम नहीं, बल्कि ऊर्जा के प्रवेश का मुख्य द्वार माना जाता है। सही दिशा और सही संख्या में खिड़कियां होने से घर में सुख-समृद्धि आती है, वहीं गलत चुनाव मानसिक और आर्थिक तनाव का कारण बन सकता है। तो आइए वास्तु के अनुसार जानते हैं घर में खिड़कियों की सही दिशा और संख्या के बारे में-
खिड़कियों की कुल संख्या
वास्तु के अनुसार, पूरे घर में खिड़कियों की कुल संख्या हमेशा सम होनी चाहिए, जैसे कि 2, 4, 6, 8, या 10। संख्या 10 के गुणज से बचना चाहिए, हालांकि कई वास्तुकार इसे केवल 10 की संख्या तक सीमित रखने की सलाह देते हैं। खिड़कियों की संख्या विषम जैसे 1, 3, 5, 7 नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसे शुभ नहीं माना जाता।
दिशाओं का चुनाव
पूर्व दिशा
यह सूर्योदय की दिशा है। यहां बड़ी और अधिक खिड़कियां होनी चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्यवर्धक किरणें घर में प्रवेश करें।
उत्तर दिशा
उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है। उत्तर में खिड़कियां होने से घर में बरकत आती है।

पश्चिम और दक्षिण
इन दिशाओं में खिड़कियां कम और आकार में छोटी होनी चाहिए, क्योंकि यहाँ से नकारात्मक या भारी ऊर्जा के आने की संभावना रहती है।
बनावट और खुलने का तरीका
वास्तु कहता है कि खिड़कियां हमेशा अंदर की तरफ खुलनी चाहिए। बाहर की तरफ खुलने वाली खिड़कियां घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और शांति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। खिड़कियां खोलते या बंद करते समय उनमें से आवाज नहीं आनी चाहिए। यह वास्तु दोष माना जाता है जो घर में झगड़ों का कारण बन सकता है।
खिड़कियों की स्थिति
यदि संभव हो, तो खिड़कियां और दरवाजे एक-दूसरे के आमने-सामने होने चाहिए ताकि वायु संचार सही बना रहे। इससे घर का चक्र संतुलित रहता है। खिड़कियों की ऊंचाई फर्श से कम से कम 3 फीट ऊपर होनी चाहिए ताकि गोपनीयता और ऊर्जा दोनों बनी रहें।
कुछ विशेष टिप्स
घर की किसी भी खिड़की का कांच टूटा या चटका हुआ नहीं होना चाहिए। इसे तुरंत बदलें, क्योंकि यह आर्थिक हानि का संकेत है। खिड़कियों को हमेशा साफ रखें। धुंधले कांच या धूल भरी खिड़कियां बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता को भ्रमित करती हैं।

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