Vasudeva Chaturthi 2026 : कब है वासुदेव विनायक चतुर्थी ? जानें तिथि और मुहूर्त

Edited By Updated: 19 Mar, 2026 03:26 PM

vasudeva chaturthi 2026

Vasudeva Chaturthi 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वासुदेव विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति कहा जाता है। साल 2026 में यह तिथि विशेष महत्व...

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Vasudeva Chaturthi 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वासुदेव विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति कहा जाता है। साल 2026 में यह तिथि विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों के बीच पड़ रही है। आइए जानते हैं साल 2026 में वासुदेव विनायक चतुर्थी की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और इस व्रत का धार्मिक महत्व।

 Vasudeva Chaturthi 2026

वासुदेव विनायक चतुर्थी 2026
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की गणना सूर्योदय और तिथि के विस्तार के आधार पर की जाती है। वर्ष 2026 में वासुदेव विनायक चतुर्थी 22 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी।

महत्वपूर्ण समय 
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 21 मार्च 2026, रात 11:56 बजे से।
चतुर्थी तिथि समाप्त: 22 मार्च 2026, रात 09:16 बजे तक।
उदया तिथि के अनुसार व्रत: 22 मार्च 2026 (रविवार)।

Puja Muhurat पूजा का शुभ मुहूर्त 

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह  4: 48 मिनट से 5: 36 मिनट तक। 
विजय मुहूर्त- दोपहर 2: 30 मिनट से 3:19 मिनट तक। 
गोधूलि मुहूर्त- शाम 6: 32 मिनट से 6: 56 मिनट तक। 
निशिता मुहूर्त- रात 12:4 मिनट से 12: 51 मिनट तक। 

 Vasudeva Chaturthi 2026

 कैसे करें भगवान गणेश को प्रसन्न ?

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
संकल्प: हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
स्थापना: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
पंचामृत स्नान: यदि प्रतिमा धातु की है, तो उसे दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल (पंचामृत) से स्नान कराएं।
षोडशोपचार पूजन: सिंदूर का तिलक लगाएं (गणेश जी को सिंदूर अति प्रिय है), अक्षत, फूल और माला अर्पित करें।
दूर्वा अर्पण: 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करते हुए गणेश जी को 21 दूर्वा (घास) की गांठें चढ़ाएं।
भोग: भगवान को मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
आरती: अंत में गणेश जी की आरती करें और परिवार में प्रसाद बांटें।

 Vasudeva Chaturthi 2026

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