Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Feb, 2026 02:18 PM

यशोदा जयंती का पर्व माता यशोदा के असीम प्रेम और वात्सल्य को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं या जिनकी संतान के जीवन में कष्ट हैं, उनके लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है।
Yashoda Jayanti 2026 : यशोदा जयंती का पर्व माता यशोदा के असीम प्रेम और वात्सल्य को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं या जिनकी संतान के जीवन में कष्ट हैं, उनके लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है। 7 फरवरी 2026 यानी आज के दिन मनाई जाने वाली यशोदा जयंती पर यदि आप कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो बाल-गोपाल की कृपा से आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी। तो आइए जानते हैं यशोदा जयंती के दिन किए जाने वाले उपाय के बारे में-
लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक और झूला अनुष्ठान
संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को यशोदा जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से लड्डू गोपाल को स्नान कराएं। इसके बाद उन्हें नए पीले वस्त्र पहनाएं और एक सुंदर सजे हुए झूले में बैठाएं। मन में यह भाव रखें कि माता यशोदा स्वयं आपके घर पधारी हैं। झूले को धीरे-धीरे झुलाते हुए अपनी संतान की कामना का संकल्प लें।

संतान गोपाल मंत्र का सामूहिक जाप
मंत्रों में अपार शक्ति होती है, और यशोदा जयंती पर इनका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
मंत्र: "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः।।"
पति और पत्नी दोनों मिलकर तुलसी की माला से इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। जाप के समय शुद्ध घी का दीपक जलाएं और माता यशोदा का ध्यान करें। यह मंत्र कुंडली के 'संतान दोष' को दूर करने में सहायक माना जाता है।
माखन-मिश्री का भोग और नन्हे बच्चों को दान
भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने का सबसे सरल मार्ग है उनका प्रिय भोग और बच्चों की सेवा। घर पर ताजा मक्खन निकालें और उसमें मिश्री मिलाकर माता यशोदा और कान्हा को अर्पित करें। पूजा के बाद इस प्रसाद को स्वयं ग्रहण करें और साथ ही सात छोटे बच्चों को माखन-मिश्री के साथ खिलौने या बांसुरी दान करें। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, बच्चों को खुश करने से कान्हा जल्दी प्रसन्न होते हैं और संतान का सुख प्रदान करते हैं।

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