Edited By Prachi Sharma,Updated: 31 Jan, 2026 02:12 PM
Magh Purnima 2026 : माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है लेकिन वर्ष 2026 की माघ पूर्णिमा विशेष होने जा रही है। इस बार पूर्णिमा के पावन अवसर पर रवि पुष्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में रवि पुष्य योग को...
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Magh Purnima 2026 : माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है लेकिन वर्ष 2026 की माघ पूर्णिमा विशेष होने जा रही है। इस बार पूर्णिमा के पावन अवसर पर रवि पुष्य योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में रवि पुष्य योग को सभी योगों का राजा माना गया है। जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है, तो यह योग बनता है, जो धन, समृद्धि और सफलता के लिए अचूक माना जाता है। आइए जानते हैं कि माघ पूर्णिमा 2026 पर इस शुभ संयोग का क्या महत्व है और वे कौन से 5 कार्य हैं जिन्हें करने से आपकी किस्मत चमक सकती है।
किस्मत चमकाने के लिए करें ये 5 विशेष कार्य
पवित्र नदी में स्नान और सूर्य अर्घ्य
माघ पूर्णिमा पर स्नान का सबसे अधिक महत्व है। यदि संभव हो तो प्रयागराज, गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि घर पर स्नान कर रहे हैं, तो पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
इस दिन रविवार है और रवि पुष्य योग भी है इसलिए स्नान के बाद तांबे के लोटे में लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। इससे समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
मां लक्ष्मी का विशेष अभिषेक और श्रीसूक्त पाठ
रवि पुष्य योग मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। इस दिन शाम के समय घर के मंदिर में मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं।
विधि: मां लक्ष्मी का अभिषेक केसर मिश्रित दूध से करें। इसके बाद 'श्रीसूक्त' या 'कनकधारा स्तोत्र' का पाठ करें। ऐसा करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी जी का स्थायी वास होता है। इस दिन कौड़ियों या गोमती चक्र की पूजा कर उन्हें अपनी तिजोरी में रखने से धन की कभी कमी नहीं होती।
स्वर्ण, चांदी या श्रीयंत्र की खरीदारी
पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दिन खरीदी गई वस्तु अक्षय हो जाती है।
क्या खरीदें: यदि आप निवेश करना चाहते हैं, तो सोना या चांदी खरीदना अत्यंत शुभ होगा। यदि सामर्थ्य कम है, तो आप पीतल का कोई बर्तन या एक श्रीयंत्र खरीदकर लाएं। रवि पुष्य योग में घर लाया गया श्रीयंत्र सौभाग्य और ऐश्वर्य का प्रतीक बनता है।

दान-पुण्य और पितृ तर्पण
माघ पूर्णिमा दान के लिए श्रेष्ठ दिन है। इस दिन तिल, गुड़, कंबल, घी और अन्न का दान करना चाहिए।
पितृ दोष से मुक्ति: रवि पुष्य योग में अपने पितरों के निमित्त तर्पण या दान करने से पितृ दोष समाप्त होता है। किसी जरूरतमंद ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा दें। शास्त्रों के अनुसार, माघी पूर्णिमा पर किया गया दान जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति दिलाता है।
सत्यनारायण कथा और पीपल पूजा
पूर्णिमा की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन घर में सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण या वाचन करें।
पीपल की सेवा: शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। माना जाता है कि पीपल में त्रिदेवों और मां लक्ष्मी का वास होता है। रवि पुष्य योग में पीपल की पूजा करने से शनि दोष से राहत मिलती है और करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
मां लक्ष्मी की कृपा पाने का विशेष मंत्र
इस पावन दिन पर अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मां लक्ष्मी के इस बीज मंत्र का कमल गट्टे की माला से 108 बार जाप करें:
"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।"
