Edited By Reetu sharma,Updated: 02 Apr, 2026 06:14 PM

बॉलीवुड एक्ट्रेस Janhvi Kapoor ने हाल ही में एक ऐसे मुद्दे पर आवाज उठाई है, जिसे समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है। उन्होंने साफ कहा कि आज के सोशल सर्कल में शराब पीना एक ट्रेंड बन चुका है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बॉलीवुड एक्ट्रेस Janhvi Kapoor ने हाल ही में एक ऐसे मुद्दे पर आवाज उठाई है, जिसे समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है। उन्होंने साफ कहा कि आज के सोशल सर्कल में शराब पीना एक ट्रेंड बन चुका है, लेकिन लोग यह समझ ही नहीं पाते कि कब यह आदत एक खतरनाक लत में बदल जाती है। उनका कहना है कि शराब की लत सिर्फ एक खराब आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसका असर दिमाग, व्यवहार और भावनाओं पर पड़ता है।
समाज की सोच बनी सबसे बड़ी बाधा
भारत में लाखों लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसे सही तरीके से समझा ही नहीं जाता। अक्सर लोग इसे इच्छाशक्ति की कमी मान लेते हैं, जिससे पीड़ित व्यक्ति को सही समय पर मदद नहीं मिल पाती। यही वजह है कि लोग न तो अपनी समस्या पहचान पाते हैं और न ही इलाज की ओर बढ़ते हैं।
‘Off The Rocks’ से बदलेंगी सोच
इसी सोच को बदलने के लिए Janhvi Kapoor ने ‘Off The Rocks’ नाम की एक जागरूकता पहल शुरू की है। इस कैंपेन का मकसद लोगों को यह समझाना है कि शराब की लत एक इलाज योग्य मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है और इसके लिए मदद लेना बेहद जरूरी है। जाह्नवी का कहना है कि शराब को लेकर बातचीत या तो होती ही नहीं, और अगर होती भी है तो उसमें जजमेंट ज्यादा होता है। ऐसे माहौल में जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच ही नहीं पाती।
Amaha के साथ मिलकर मजबूत पहल
इस पहल को और प्रभावी बनाने के लिए Janhvi Kapoor ने Amaha के साथ साझेदारी की है। Amaha एक जानी-मानी मानसिक स्वास्थ्य संस्था है, जो क्लिनिकल और भरोसेमंद इलाज प्रदान करती है। Amaha के फाउंडर और CEO Dr Amit Malik के मुताबिक, “लत किसी भी प्रकार की हो, वह एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है। लेकिन दुर्भाग्य से इसे अक्सर गलत समझा जाता है। हमें उम्मीद है कि इस पहल से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और उन्हें सही मदद मिल सकेगी।'
लंबे समय तक चलेगी जागरूकता की यह मुहिम
Amaha और ‘Off The Rocks’ की यह पहल एक लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट है, जिसमें एक्सपर्ट्स की सलाह, लोगों के अनुभव और आसान भाषा में जानकारी के जरिए शराब की लत को समझाया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों के मन से शर्म और डर को खत्म करना भी है, ताकि वे बिना हिचकिचाहट मदद ले सकें।
ऑनलाइन से ऑफलाइन तक उपलब्ध हैं सेवाएं
Amaha के जरिए लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से सेवाएं ले सकते हैं, जिनमें थेरेपी, मनोचिकित्सा और सेल्फ-केयर टूल्स शामिल हैं। संस्था के पास 200 से ज्यादा विशेषज्ञों की टीम है और मुंबई, दिल्ली व बेंगलुरु जैसे शहरों में इसके सेंटर मौजूद हैं। इसके अलावा Amaha ने 2025 में बेंगलुरु में एक विशेष मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल भी शुरू किया, जहां गंभीर मामलों का इलाज किया जाता है। ऐप और सपोर्ट कम्युनिटीज़ के जरिए यह संस्था देश-विदेश के लाखों लोगों तक पहुंच बना चुकी है।