पंकज कपूर का खुलासा: ‘जब खुली किताब’ की कहानी ने क्यों कर दिया था उन्हें तुरंत राज़ी?

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 03:02 PM

pankaj kapur reveals why he said yes to jab khuli kitaab film

वरिष्ठ अभिनेता Pankaj Kapur ने हाल ही में खुलासा किया कि आखिर उन्होंने फिल्म 'जब खुली किताब' के लिए हाँ क्यों कहा। अपने किरदारों को चुनने में बेहद चयनात्मक माने जाने वाले पंकज कपूर ने बताया कि इस फिल्म की मजबूत स्क्रिप्ट और निर्देशक की साफ सोच ने...

नई दिल्ली। वरिष्ठ अभिनेता Pankaj Kapur ने हाल ही में खुलासा किया कि आखिर उन्होंने फिल्म 'जब खुली किताब' के लिए हाँ क्यों कहा। अपने किरदारों को चुनने में बेहद चयनात्मक माने जाने वाले पंकज कपूर ने बताया कि इस फिल्म की मजबूत स्क्रिप्ट और निर्देशक की साफ सोच ने उन्हें इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। निर्देशक Saurabh Shukla की इस फिल्म में Dimple Kapadia और Aparshakti Khurana भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म अपनी संवेदनशील कहानी और दमदार अभिनय के कारण दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया हासिल कर रही है।

रिश्तों में भरोसे की नाज़ुक परतों को दिखाती है फिल्म
'जब खुली किताब' एक ऐसे वैवाहिक रिश्ते की कहानी है, जिसमें विश्वास की नाज़ुक परतों को बारीकी से दिखाया गया है। फिल्म यह सवाल भी उठाती है कि जब कोई छिपा हुआ सच सामने आता है, तो उसका असर सिर्फ पति-पत्नी ही नहीं बल्कि पूरे परिवार पर कैसे पड़ता है। फिल्म की इसी गहराई और संवेदनशील विषय ने दर्शकों का ध्यान खींचा है और इसे लेकर सकारात्मक चर्चा भी हो रही है।

पंकज कपूर बोले – 'फैसले मैं अपने इंट्यूशन से लेता हूँ'
नए प्रोजेक्ट चुनने के अपने तरीके के बारे में बात करते हुए Pankaj Kapur ने बताया कि वह ज्यादातर अपने इंट्यूशन यानी अंतर्ज्ञान के आधार पर फैसले लेते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं बस अपनी उस भावना के आधार पर फैसला करता हूँ जो मुझे स्क्रिप्ट पढ़ते समय और निर्देशक से मिलने के बाद महसूस होती है- कि वह कहानी को किस तरह समझते हैं और मुझे उसका हिस्सा क्यों बनाना चाहते हैं। अगर मुझे लगता है कि किरदार और कहानी दोनों ही काबिल हैं, तो मैं उसका हिस्सा बन जाता हूँ।'

'भरोसा एक बहुत मानवीय भावना है'
पंकज कपूर ने यह भी बताया कि फिल्म की थीम ने उन्हें एक अभिनेता के तौर पर गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा, 'यह सवाल भरोसे का है। और मुझे लगता है कि भरोसा एक बहुत मानवीय भावना है।' उनके मुताबिक, यही मानवीय भावनाएं किसी कहानी को दर्शकों से जोड़ने का काम करती हैं।

ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है फिल्म
रिश्तों, ईमानदारी और छिपे हुए सच के परिणामों को दिखाने वाली यह भावनात्मक कहानी दर्शकों को लगातार प्रभावित कर रही है। फिल्म “जब खुली किताब” फिलहाल ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है, जहां दर्शक इसे देख सकते हैं।

 

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