Edited By Tanuja,Updated: 17 Oct, 2026 11:52 AM

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी लेफ्टिनेंट लेव स्तूपनिकोव पर अपनी सेना की गोपनीय जानकारी यूक्रेन को देने का आरोप है। दावा है कि इससे यूक्रेन को सटीक हमलों में मदद मिली और 300 से अधिक रूसी सैनिक मारे गए। बाद में वह यूक्रेन की सेना में...
Moscow: रूस-यूक्रेन युद्ध में एक रूसी सैन्य अधिकारी पर अपनी ही सेना की गोपनीय जानकारी यूक्रेन को देने का गंभीर आरोप लगा है। अमेरिकी समाचार पत्र द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 वर्षीय लेफ्टिनेंट लेव स्तूपनिकोव ने रूसी सेना में अपने पद और पहुंच का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेनी सैन्य खुफिया विभाग को महत्वपूर्ण सूचनाएं दीं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उसकी ओर से दी गई जानकारी के आधार पर यूक्रेन ने सटीक हमले किए, जिनमें 300 से अधिक रूसी सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, लेफ्टिनेंट लेव स्तूपनिकोव रूसी सेना में ऐसी जिम्मेदारी संभाल रहा था, जिसके कारण उसे सैन्य टुकड़ियों की आवाजाही, सैन्य योजनाओं और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती थीं। उसे टोही ड्रोन और निगरानी कैमरों से मिलने वाले आंकड़ों तक भी पहुंच हासिल थी। उसका काम सैन्य कमांडरों और उनकी टुकड़ियों के बीच संपर्क बनाए रखने में सहायता करना था।
इसी भूमिका के कारण उसे सेना की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं मिलती थीं। आरोप है कि उसने इन जानकारियों को गुप्त रूप से यूक्रेनी सैन्य खुफिया विभाग तक पहुंचाना शुरू कर दिया। बताया गया है कि स्तूपनिकोव केवल सैन्य ठिकानों की जानकारी ही नहीं देता था, बल्कि रूसी सेना की संभावित गतिविधियों और योजनाओं से संबंधित सूचनाएं भी यूक्रेन तक पहुंचाता था। इन जानकारियों से यूक्रेनी सेना को रूसी सैन्य ठिकानों और सैनिकों की गतिविधियों को निशाना बनाने में मदद मिली। रिपोर्ट में 300 से अधिक रूसी सैनिकों की मौत का दावा किया गया है। हालांकि, इस आंकड़े और संबंधित हमलों के पूरे विवरण की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
हमले से पहले पेट दर्द का बहाना बनाया और...
रिपोर्ट के मुताबिक, एक महत्वपूर्ण हमले वाले दिन स्तूपनिकोव पेट दर्द का बहाना बनाकर अपने साथियों से दूर चला गया था। इसके कुछ समय बाद यूक्रेनी सेना ने हमला किया। बताया गया है कि हमले में बड़ी संख्या में रूसी सैनिक मारे गए। आरोप है कि स्तूपनिकोव को हमले की जानकारी थी और वह जानबूझकर घटनास्थल से दूर गया था, ताकि खुद उसकी जान को खतरा न हो। इस घटना ने युद्ध के दौरान सैन्य गोपनीयता और अपने ही सैनिकों के बीच भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्तूपनिकोव बाद में रूस छोड़कर यूक्रेन पहुंच गया और वहां यूक्रेनी सेना में शामिल होकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के खिलाफ लड़ने लगा। इस तरह वह जिस सेना का हिस्सा था, उसी के विरुद्ध युद्ध में शामिल हो गया। उसके इस फैसले का असर उसके निजी जीवन पर भी पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी पत्नी ने उस पर सरकार और अपने परिवार को धोखा देने का आरोप लगाया है।