Edited By Tanuja,Updated: 09 Apr, 2026 05:24 PM

पूर्व पेंटागन सलाहकार जैस्मिन एल-गमाल ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सामूहिक सुरक्षा की जरूरत बताई और चेतावनी दी कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद स्थिति जटिल है, जहां जीत तय करना मुश्किल है और...
International Desk: मध्य-पूर्व में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान सीजफायर के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। पूर्व पेंटागन सलाहकार Jasmine El-Gamal ने कहा है कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर किसी एक देश का पूरा नियंत्रण होना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई एक देश वैश्विक शिपिंग और व्यापार को नियंत्रित करेगा, तो यह पूरी दुनिया के लिए अस्वीकार्य होगा। इसलिए आने वाले समय में कई देश मिलकर इस जलडमरूमध्य की “सामूहिक सुरक्षा” (collective security) का मॉडल तैयार करने की कोशिश करेंगे।
जैस्मिन एल-गमाल के मुताबिक, ओमान पहले ही ईरान के साथ बातचीत कर रहा है ताकि इस मुद्दे का कोई संतुलित समाधान निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि होर्मुज़ के अलावा भी कुछ वैकल्पिक समुद्री रास्ते हैं, जैसे Bab el-Mandeb, Suez Canal और केप ऑफ गुड होप, लेकिन फिर भी होर्मुज़ सबसे अहम मार्ग बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि यह तय करना आसान नहीं है कि इस युद्ध में कौन जीता। उनके अनुसार, अमेरिका पहले जहां था, अब उसी स्थिति में लौटने की कोशिश कर रहा है, इसलिए इसे जीत नहीं कहा जा सकता। वहीं, ईरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन उसका शासन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि ईरान की सैन्य ताकत और उसके सहयोगी समूह जैसे हिज़्बुल्लाह और हूती अभी भी सक्रिय हैं। हालांकि वे कमजोर हुए हैं, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, जिससे भविष्य में खतरा बना हुआ है। एल-गमाल ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के लिए इस स्थिति को “जीत” बताना आसान नहीं होगा, क्योंकि ईरान हमले के बावजूद टिके रहने में सफल रहा है।अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि अभी असली मुश्किल दौर शुरू हुआ है। बातचीत लंबी और जटिल होगी और यह भी तय नहीं है कि सीजफायर लंबे समय तक टिक पाएगा या नहीं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक शक्ति संतुलन का नया संघर्ष शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यह तय करेगा कि दुनिया की ऊर्जा और व्यापार व्यवस्था किस दिशा में जाएगी।