Edited By Parveen Kumar,Updated: 03 Mar, 2026 12:19 AM

अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तीसरे दिन संघर्ष और तीखा हो गया है। वॉशिंगटन का दावा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, जबकि तेहरान भी जवाबी हमलों में तेजी ला रहा है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यही...
नेशनल डेस्क : अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तीसरे दिन संघर्ष और तीखा हो गया है। वॉशिंगटन का दावा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, जबकि तेहरान भी जवाबी हमलों में तेजी ला रहा है। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यही है- यह टकराव आखिर कितने समय तक चलेगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि मौजूदा हमले अभी शुरुआती दौर में हैं। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी क्षमता के साथ कार्रवाई कर रही है और आगे “काफी बड़े ऑपरेशन” देखने को मिल सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, संयुक्त अभियान तय रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
सैन्य कार्रवाई से आगे की रणनीति?
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित है या ईरान के भीतर राजनीतिक बदलाव के लिए भी कोई पहल कर रहा है, तो ट्रंप ने इशारों में कहा कि वॉशिंगटन कई स्तरों पर काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
अरब देशों के रुख में बदलाव?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों को निशाना बनाए जाने के बाद वहां की सरकारों का रुख सख्त हुआ है। उनके अनुसार, कुछ अरब राष्ट्र अब अभियान में खुलकर समर्थन देने को तैयार दिख रहे हैं। उन्होंने इसे “अप्रत्याशित लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव” बताया।
संघर्ष की दिशा पर नजर
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ता है, तो यह टकराव क्षेत्रीय सीमा से बाहर भी असर डाल सकता है। तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और समुद्री मार्गों पर इसका प्रभाव पहले ही दिखने लगा है।