Condom: अब इस देश में कंडोम खरीदना हुआ मंहगा, जानें सरकार ने क्यों लिया ऐसा फैसला

Edited By Updated: 03 Jan, 2026 07:43 PM

condoms buying condoms has now become more expensive in this country

भारत के पड़ोस में इन दिनों एक अजीब और चौंकाने वाला संकट उभरता नजर आ रहा है। मामला न किसी हथियार का है, न तेल या गैस का- बल्कि कंडोम और गर्भनिरोधक साधनों का। पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश में इनकी कमी की खबरें सामने आईं और अब चीन ने ऐसा फैसला ले लिया...

नेशनल डेस्क: भारत के पड़ोस में इन दिनों एक अजीब और चौंकाने वाला संकट उभरता नजर आ रहा है। मामला न किसी हथियार का है, न तेल या गैस का- बल्कि कंडोम और गर्भनिरोधक साधनों का। पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश में इनकी कमी की खबरें सामने आईं और अब चीन ने ऐसा फैसला ले लिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। सवाल यही है कि तीन अलग-अलग देशों में एक ही चीज को लेकर इतनी उथल-पुथल क्यों मची हुई है?

चीन में कंडोम को लेकर क्यों मचा बवाल?

चीन ने साल 2026 की शुरुआत एक बेहद असामान्य फैसले से की है। 1 जनवरी 2026 से देश में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर 13 फीसदी वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) लागू कर दिया गया है। करीब 30 साल से इन उत्पादों को टैक्स छूट मिली हुई थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। सोशल मीडिया और विश्लेषकों ने इसे सीधे तौर पर “कंडोम टैक्स” कहना शुरू कर दिया है। आसान शब्दों में समझें तो अगर पहले 100 रुपये का कंडोम मिलता था, तो अब उसी के लिए 113 रुपये चुकाने होंगे।

आखिर चीन ने कंडोम पर टैक्स क्यों लगाया?

यह फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब चीन एक-बच्चा नीति को छोड़े पूरे 10 साल पूरे कर चुका है। सरकार का साफ इशारा है—अगर गर्भनिरोधक साधन महंगे होंगे, तो लोग ज्यादा बच्चे पैदा करने के बारे में सोच सकते हैं। यानी जो नीति कभी जनसंख्या रोकने के लिए थी, अब उसी का उल्टा करने की कोशिश हो रही है।

एक-बच्चा नीति का उल्टा असर

1980 से 2015 तक चीन में सख्त एक-बच्चा नीति लागू रही। ज्यादा बच्चे पैदा करने पर जुर्माना, जबरन नसबंदी और कड़ी कार्रवाई तक की जाती थी। शुरुआती दौर में इससे आबादी काबू में रही, लेकिन लंबे समय में इसका असर उल्टा पड़ गया।

चीन आज तेजी से बूढ़ा होता देश बन रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में चीन में सिर्फ करीब 95 लाख बच्चों का जन्म हुआ और लगातार तीसरे साल देश की आबादी घट गई। दो-बच्चा और फिर तीन-बच्चा नीति भी लोगों को परिवार बढ़ाने के लिए तैयार नहीं कर पाई।

चीन में लोग बच्चे क्यों नहीं चाहते?

विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में बच्चे पालना अब बेहद महंगा हो गया है। पढ़ाई का खर्च, महंगाई, कामकाजी महिलाओं पर बढ़ता दबाव और नौकरी की अनिश्चितता- ये सभी वजहें लोगों को संतान से दूर कर रही हैं। सरकार अब टैक्स नीति, सब्सिडी और शिक्षा में रियायत जैसे उपायों से हालात बदलने की कोशिश कर रही है।

पाकिस्तान और बांग्लादेश में बिल्कुल उल्टा संकट

जहां चीन जन्मदर बढ़ाने के लिए कंडोम को महंगा बना रहा है, वहीं भारत के दो अन्य पड़ोसी देशों में हालात इसके उलट हैं। बांग्लादेश में सरकारी एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि देश में जल्द ही कंडोम की भारी कमी हो सकती है। परिवार नियोजन विभाग के अनुसार, कुछ ही हफ्तों में सरकारी स्टॉक खत्म होने का खतरा है। उधर पाकिस्तान में IMF की शर्तों के चलते कंडोम पर टैक्स पहले से ही ज्यादा है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं और आम लोगों की पहुंच सीमित हो रही है।

एक सवाल, तीन देश, तीन अलग कहानियां

एक तरफ चीन जनसंख्या बढ़ाने के लिए गर्भनिरोधक महंगे कर रहा है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान और बांग्लादेश में परिवार नियोजन के साधन ही संकट में हैं। एक ही चीज- कंडोम- लेकिन तीन देशों में तीन अलग-अलग वजहें और तीन अलग चुनौतियां। यही वजह है कि यह मुद्दा सिर्फ स्वास्थ्य नहीं, बल्कि नीति, अर्थव्यवस्था और भविष्य की आबादी से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है।

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