यूरोप में नया विवादः कार्यकर्ता की मौत पर अमेरिकी बयान से भड़का फ्रांस, राजदूत चार्ल्स कुशनर को किया तलब

Edited By Updated: 22 Feb, 2026 07:04 PM

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फ्रांस ने दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की मौत पर अमेरिकी टिप्पणी के विरोध में अमेरिकी राजदूत चार्ल्स कुशनर को तलब करने का फैसला किया है। विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने इसे राजनीतिक इस्तेमाल बताया। सात आरोपियों पर हत्या समेत गंभीर धाराएं लगी हैं। मामला चुनाव...

International Desk: फ्रांस ने घोषणा की है कि वह चार्ल्स कुशनर को तलब करेगा। यह कदम अमेरिकी प्रशासन की उस टिप्पणी के विरोध में उठाया गया है, जिसमें ल्यों में एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की पिटाई से हुई मौत के लिए वामपंथी उग्रवाद को जिम्मेदार बताया गया था। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने कहा कि यह त्रासदी “राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल” नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अमेरिकी प्रतिक्रिया को “अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियावादी आंदोलन” का हिस्सा बताते हुए कड़ा विरोध जताया।

 

मामला क्वेंटिन डेरांक नामक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता की मौत से जुड़ा है, जिनकी पिछले सप्ताह ल्यों में पिटाई के बाद मस्तिष्क चोट से मृत्यु हो गई थी। घटना एक छात्र बैठक के इतर हुई झड़प के दौरान हुई, जहां वामपंथी सांसद रीमा हसन मुख्य वक्ता थीं। अमेरिकी विदेश विभाग के काउंटरटेररिज्म ब्यूरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि “हिंसक उग्र वामपंथ का बढ़ता खतरा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।”

 

इस बीच, इमैनुएल मैक्रों ने देश में शांति बनाए रखने की अपील की। ल्यों में लगभग 3,000 लोगों ने दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा आयोजित मार्च में हिस्सा लेकर डेरांक को श्रद्धांजलि दी। न्यायिक कार्रवाई के तहत सात लोगों पर प्रारंभिक आरोप लगाए गए हैं। अभियोजकों ने जानबूझकर हत्या, गंभीर हिंसा और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों की मांग की है। छह आरोपियों पर सभी धाराएं लगाई गई हैं, जबकि सातवें पर सह-अपराध का आरोप है।

 

बारो ने यह भी कहा कि बैठक में वे अमेरिका द्वारा थिएरी ब्रेटन और निकोलस गुइयो पर लगाए गए प्रतिबंधों का मुद्दा भी उठाएंगे। उन्होंने इन प्रतिबंधों को “अनुचित और अव्यवहारिक” बताया। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने मुलाकात की तारीख की घोषणा नहीं की है। उल्लेखनीय है कि कुशनर को पिछले वर्ष भी यहूदी-विरोधी घटनाओं को लेकर लिखे गए पत्र के कारण तलब किया गया था।यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब फ्रांस में आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव गहराता जा रहा है।
 

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