ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर: अली खामेनेई के बाद बेटे मोजतबा खामेनेई बने देश के सर्वोच्च नेता

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 06:45 AM

iran got a new supreme leader

मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई  की जगह ली है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष जारी है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

इंटरनेशनल डेस्कः मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई  की जगह ली है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष जारी है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

सोमवार को ईरान की Assembly of Experts ने मतदान के बाद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुनने का ऐलान किया। यह परिषद 88 इस्लामी धर्मगुरुओं का एक समूह है, जिसका काम ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करना होता है।

आधी रात को जारी हुआ आधिकारिक बयान

तेहरान समयानुसार आधी रात के बाद जारी बयान में असेंबली ने कहा कि “निर्णायक वोटिंग के बाद आयतोल्लाह सैयद मोजतबा होसैनी खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता नियुक्त किया जाता है।” सुप्रीम लीडर का पद ईरान में सबसे शक्तिशाली माना जाता है। इस पद पर बैठा व्यक्ति देश की सरकार, सेना और विदेश नीति सहित लगभग सभी बड़े फैसलों पर अंतिम अधिकार रखता है।

सुरक्षा तंत्र और कारोबार पर मजबूत पकड़

मोजतबा खामेनेई एक मध्यम स्तर के धर्मगुरु माने जाते हैं, लेकिन ईरान के सुरक्षा तंत्र और अपने पिता से जुड़े बड़े कारोबारी नेटवर्क में उनका प्रभाव काफी मजबूत रहा है। इसी वजह से उन्हें पहले से ही सुप्रीम लीडर पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था।

अमेरिका और इज़राइल की प्रतिक्रिया

मोजतबा की नियुक्ति से डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो सकते हैं। ट्रंप ने रविवार को कहा था कि वॉशिंगटन को ईरान के नए नेता के चयन में भूमिका मिलनी चाहिए। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, “अगर उसे हमारी मंजूरी नहीं मिलेगी, तो वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।” वहीं इज़राइल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो भी नया नेता चुना जाएगा, वह उसके निशाने पर हो सकता है।

हमले में हुई थी अली खामेनेई की मौत

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत एक सप्ताह पहले हुए हमलों में हुई थी। यह हमला अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के शुरुआती चरण में हुआ था।

संघर्ष में बढ़ता जा रहा है नुकसान

इस युद्ध में अब तक भारी नुकसान हो चुका है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत के मुताबिक, अमेरिकी-इज़राइली हमलों में कम से कम 1,332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान के जवाबी हमले में घायल हुए सैनिकों में से एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। इस तरह अब तक 7 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है।

ईरान ने युद्धविराम से किया इनकार

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने कहा कि ईरान इस युद्ध में सीजफायर (युद्धविराम) नहीं चाहता और हमलावर देशों को सख्त सजा दी जाएगी।

 

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