Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Mar, 2026 11:35 AM

मध्य पूर्व के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक ईरान इस वक्त अपने सबसे बड़े राजनीतिक और भावनात्मक संकट से गुजर रहा है। इजरायल और अमेरिका के एक बड़े हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश में सन्नाटा पसरा है और 40 दिनों के...
नेशनल डेस्क: मध्य पूर्व के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक ईरान इस वक्त अपने सबसे बड़े राजनीतिक और भावनात्मक संकट से गुजर रहा है। इजरायल और अमेरिका के एक बड़े हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे देश में सन्नाटा पसरा है और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है। लेकिन इस गमगीन माहौल के बीच दुनिया की नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि ईरान की कमान अब किसके हाथ में होगी? इस रेस में सबसे आगे जो नाम उभर कर आ रहा है, वह है अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का। मोजतबा न केवल एक रसूखदार शिया धर्मगुरु हैं, बल्कि उनके पास वह रणनीतिक ताकत भी है जो उन्हें इस सर्वोच्च पद का प्रबल दावेदार बनाती है।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई ने अब तक ईरानी सरकार या 'गार्जियन काउंसिल' में किसी औपचारिक पद की जिम्मेदारी नहीं संभाली है, फिर भी उनकी गिनती देश के सबसे ताकतवर चेहरों में होती है। वह अपने पिता के साये में रहकर पिछले कई दशकों से ईरानी राजनीति की बारीकियों को समझ रहे थे। मोजतबा को ईरान के धार्मिक नेतृत्व और राजनीतिक वर्ग के बीच एक मजबूत सेतु माना जाता है। उनकी सबसे बड़ी ताकत 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) के साथ उनके गहरे और अटूट संबंध हैं। सेना और सुरक्षा बलों में उनकी इस पैठ की वजह से ही माना जा रहा है कि सत्ता का हस्तांतरण उनके पक्ष में हो सकता है। अब तक सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रहने वाले मोजतबा अचानक वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।
धर्मगुरु की सादगी या अरबों का साम्राज्य?
मोजतबा खामेनेई की पहचान केवल एक धर्मगुरु तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स और हालिया जांचों में उनकी 'लग्जरी लाइफस्टाइल' और दुनिया भर में फैली संपत्ति का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा का रियल एस्टेट साम्राज्य यूरोप से लेकर मध्य पूर्व तक फैला हुआ है। लंदन के बिशप्स एवेन्यू, जिसे 'अरबपतियों की कतार' कहा जाता है, वहां उनके पास करोड़ों की संपत्तियां हैं। इसके अलावा दुबई के पॉश इलाकों में विला और फ्रैंकफर्ट तथा मेजरका जैसे यूरोपीय शहरों में उनके आलीशान होटल होने का दावा किया गया है। केवल लंदन की ही एक संपत्ति की कीमत 138 मिलियन डॉलर से अधिक बताई जा रही है। यह विरोधाभास उन्हें एक रहस्यमयी व्यक्तित्व बनाता है—एक तरफ शिया धर्मशास्त्र की शिक्षा और दूसरी तरफ अरबों का वैश्विक व्यापारिक साम्राज्य।
हमले में पूरे परिवार को लगा गहरा जख्म
ईरान के लिए यह दुख केवल एक नेता को खोने का नहीं है, बल्कि यह एक पारिवारिक त्रासदी भी है। खबरों के मुताबिक, इजरायल-अमेरिका के इस भीषण हमले में न केवल सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की जान गई, बल्कि उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हो गई है। इस हमले ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। अब जबकि ईरान 40 दिनों के शोक में डूबा है, मोजतबा खामेनेई के सामने चुनौती केवल सत्ता संभालने की नहीं होगी, बल्कि इस बड़े सैन्य हमले का जवाब देने और देश को इस संकट से बाहर निकालने की भी होगी।