Edited By Tanuja,Updated: 09 Mar, 2026 06:38 PM

ईरान में मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर चीन ने सावधानी भरी प्रतिक्रिया दी है। बीजिंग ने इसे ईरान का आंतरिक मामला बताया और कहा कि देश की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। चीन ने क्षेत्र में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करते हुए...
International Desk: ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बाद China ने सावधानी भरी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह पूरी तरह Iran का आंतरिक मामला है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसकी संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि चीन ने ईरान में हुए नेतृत्व परिवर्तन की रिपोर्टों पर ध्यान दिया है, लेकिन यह निर्णय ईरान के संविधान और उसके कानूनी ढांचे के अनुसार लिया गया है।
चीन ने दोहराई नीति
प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमेशा से अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति का पालन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार ईरान की धार्मिक संस्था Assembly of Experts ने रविवार को Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया। 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई, पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के बेटे हैं। हाल ही में क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान हुए सैन्य हमलों में अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी।
ईरान के इतिहास में तीसरे सुप्रीम लीडर
मोजतबा खामेनेई अब इस्लामिक रिपब्लिक के इतिहास में तीसरे सुप्रीम लीडर बन गए हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक Israel ने संकेत दिया है कि वह ईरान के नए नेतृत्व को भी निशाना बना सकता है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने कहा कि वह किसी भी ऐसी कार्रवाई का विरोध करता है जिससे क्षेत्र और अस्थिर हो। चीन लंबे समय से तेहरान के साथ कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए हुए है और अक्सर मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए बातचीत और संयम की अपील करता रहा है। चीन की ताजा प्रतिक्रिया भी इसी नीति को दर्शाती है, जिसमें उसने नेतृत्व परिवर्तन पर सीमित टिप्पणी करते हुए इसे ईरान का आंतरिक मामला बताया है।