Edited By Tanuja,Updated: 22 Apr, 2026 12:40 PM

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी दबाव और समुद्री ब्लॉकेड के कारण ईरान आर्थिक रूप से टूट रहा है और सेना-पुलिस को सैलरी नहीं मिल रही। हालांकि कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया। होर्मुज स्ट्रेट और तेल निर्यात पर दबाव से ईरान की अर्थव्यवस्था प्रभावित जरूर...
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की आर्थिक हालत बहुत खराब हो चुकी है। उनका कहना है कि ईरान के पास सेना और पुलिस को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे हैं। हालांकि उन्होंने इस दावे का कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया है। ट्रंप के मुताबिक, हर दिन ईरान को लगभग 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। इसका बड़ा कारण Strait of Hormuz पर बढ़ता दबाव और समुद्री रास्तों पर लगाई गई रोक को बताया जा रहा है, जिससे ईरान का तेल निर्यात प्रभावित हुआ है।
ईरान की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत तेल है, और इसका बड़ा हिस्सा Kharg Island से बाहर जाता है। अगर यहां से सप्लाई रुकती है, तो देश की आय पर सीधा असर पड़ता है और आर्थिक संकट गहरा सकता है। अमेरिका की रणनीति साफ दिख रही है कि वह सिर्फ सैन्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव बनाकर भी ईरान को कमजोर करना चाहता है। ईरान से जुड़े जहाजों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं ताकि उसकी कमाई कम हो सके।
इस बीच, ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम को कुछ समय के लिए बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि यह फैसला बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है, जिसमें Pakistan की भूमिका भी बताई जा रही है। कुल मिलाकर, ट्रंप के दावे कितने सही हैं यह अभी साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि तेल व्यापार पर दबाव के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है और आने वाले समय में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।