Edited By Tanuja,Updated: 15 Apr, 2026 11:17 AM

इस्लामाबाद वार्ता से लौटते ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान पर हमले की आशंका जताई गई। आखिरी समय में फ्लाइट का रूट बदला गया। ईरान ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए अमेरिका पर अविश्वास दोहराया और कहा कि बातचीत के साथ युद्ध की तैयारी भी जारी रहेगी।
International Desk: ईरान ने इस्लामाबाद में हुई अहम वार्ता के बाद एक चौंकाने वाला दावा किया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पाकिस्तान से वापस लौटते समय उनके विमान पर हमले का गंभीर खतरा था, जिसके चलते उन्हें आखिरी समय में अपनी फ्लाइट का रूट बदलना पड़ा। ईरान के सरकारी प्रवक्ता ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह सुरक्षा में बड़ी चूक या संभावित साजिश का संकेत हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान कभी भी अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकता और इसलिए वह बातचीत के साथ-साथ अपनी सैन्य तैयारियां भी जारी रखेगा।
यह जानकारी लेबनान से जुड़े एक मीडिया आउटलेट ने दी है, जो ईरान समर्थित समूहों के करीब माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामाबाद से वापसी के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल को विशेष सुरक्षा अलर्ट मिला था। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद प्रोफेसर Mohammad Marandi ने बताया कि उन्हें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि उनके विमान को निशाना बनाया जा सकता है। इस चेतावनी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सक्रिय होकर फ्लाइट का तय रूट बदल दिया। उन्होंने कहा कि वार्ता खत्म होने के बाद तेहरान लौटते समय पूरी यात्रा अत्यधिक सतर्कता के साथ की गई और हर संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए गए।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Donald Trump) ने बयान दिया है कि अमेरिका पाकिस्तान में ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों की मुलाकात हो सकती है। हालांकि, ईरान के इस दावे के बाद दोनों देशों के बीच अविश्वास और भी गहरा सकता है। एक तरफ बातचीत की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी तरफ सुरक्षा खतरे और युद्ध की आशंकाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।