Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Jan, 2026 09:24 AM

खाड़ी देश ओमान ने अपनी भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 1 जनवरी 2026 से ओमान में शादी करने की योजना बना रहे हर जोड़े के लिए 'प्रीमैरिटल मेडिकल एग्जामिनेशन' (शादी से पूर्व स्वास्थ्य जांच) अनिवार्य कर दिया...
Mandatory Premarital Medical Test: खाड़ी देश ओमान ने अपनी भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 1 जनवरी 2026 से ओमान में शादी करने की योजना बना रहे हर जोड़े के लिए 'प्रीमैरिटल मेडिकल एग्जामिनेशन' (शादी से पूर्व स्वास्थ्य जांच) अनिवार्य कर दिया गया है।
सुल्तान हैथम बिन तारिक द्वारा जारी रॉयल डिक्री नंबर 111/2025 के तहत यह नियम लागू हुआ है। अब चाहे शादी ओमान के भीतर हो या विदेश में विवाह के अनुबंध (Marriage Contract) पर हस्ताक्षर करने से पहले दोनों पार्टनर्स को यह टेस्ट पास करना होगा। यदि जोड़ों में से कोई एक विदेशी नागरिक (Non-Omani) है तो भी यह नियम अनिवार्य रूप से लागू होगा।
इस टेस्ट में किन बीमारियों की होगी जांच?
ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस स्क्रीनिंग प्रक्रिया को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा है:
1. आनुवंशिक रक्त विकार (Genetic Blood Disorders): ओमान में 'कजिन मैरिज' (रिश्तेदारों में शादी) का चलन अधिक होने के कारण जेनेटिक बीमारियां पीढ़ी-दर-पीढ़ी फैलती हैं। आंकड़ों के अनुसार ओमान की करीब 9.5% जनसंख्या इन बीमारियों से प्रभावित है।
सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anemia): इसमें लाल रक्त कोशिकाएं हसिया के आकार की हो जाती हैं।
थैलेसीमिया (Thalassemia): इसमें शरीर में हीमोग्लोबिन बनना कम हो जाता है।
2. संक्रामक रोग (Infectious Diseases): यह जांच इसलिए की जाती है ताकि बीमारियां एक पार्टनर से दूसरे में या होने वाली मां से बच्चे में न फैलें।
एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS)
हेपेटाइटिस बी और सी (Hepatitis B & C)

प्राइवेसी और प्रक्रिया
यह टेस्ट ओमान के 'प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर्स' में किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद जोड़ों को एक 'फिटनेस सर्टिफिकेट' दिया जाएगा। गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए टेस्ट की रिपोर्ट किसी तीसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं की जाएगी।
क्यों अनिवार्य किया गया यह टेस्ट?
ओमान में यह टेस्ट 1999 से वैकल्पिक (Optional) था। लेकिन आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी थी:
कम भागीदारी: 2025 तक केवल 42-43% लोग ही स्वेच्छा से यह टेस्ट करवा रहे थे।
आने वाली पीढ़ी का बचाव: स्वास्थ्य मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी डॉ. सईद बिन हारिब अल लामकी के अनुसार इस डिक्री का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करना और बच्चों को जन्मजात बीमारियों से बचाना है।

अन्य देशों की स्थिति
ओमान अकेला ऐसा देश नहीं है। खाड़ी के अन्य देशों में भी यह नियम पहले से लागू है:
सऊदी अरब: यहां 2004 से ही सिकल सेल और थैलेसीमिया टेस्ट अनिवार्य है।
यूएई (UAE): संयुक्त अरब अमीरात ने 2025 से अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है जहां अब 570 जीन्स के जरिए 840 से ज्यादा बीमारियों की पहचान की जाती है।