तिब्बत में बढ़े चीन के अत्याचारः मठों पर छापेमारी, बौद्ध भिक्षु की संदिग्ध मौत !

Edited By Updated: 29 Mar, 2026 01:35 PM

monk s death in tibet exposes china s deepening repression report

तिब्बत में एक युवा भिक्षु की मौत ने चीन पर गंभीर आरोप खड़े किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार हिरासत में मौत, सख्त निगरानी और धार्मिक दमन बढ़ रहा है। दलाई लामा के जन्मदिन से पहले कार्रवाई तेज हुई, जिससे तिब्बती संस्कृति और स्वतंत्रता पर खतरे की आशंका जताई...

International Desk: तिब्बत  (Tibet) में एक युवा भिक्षु की मौत ने चीन (China) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भिक्षु को पुलिस हिरासत में लिया गया था और बाद में उसका शव मठ को सौंप दिया गया। पाकिस्तान की ऑनलाइन मैगजीन Bitter Winter की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह घटना तिब्बत में बढ़ते दमन का हिस्सा है, जहां सामान्य गतिविधियों को भी सुरक्षा खतरा मानकर कार्रवाई की जा रही है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, भिक्षु सैमटेन को हिरासत में लेने के बाद उनकी मौत हो गई। अधिकारियों ने इसे अचानक बीमारी बताया, लेकिन बीमारी, अस्पताल या हिरासत की स्थिति को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई। बताया गया कि भिक्षुओं को इस मामले पर चुप रहने की चेतावनी दी गई। तिब्बत में इस तरह की घटनाओं पर सवाल उठाना भी जोखिम भरा माना जाता है। यह मठ, जहां सैमटेन रहते थे, तिब्बती भाषा और संस्कृति को बचाने के लिए जाना जाता है।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की नजर में यही गतिविधियां “राजनीतिक रूप से संदिग्ध” मानी जाती हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Dalai Lama के 90वें जन्मदिन से पहले तिब्बत में सख्ती और बढ़ा दी गई है। मठों पर छापे, दलाई लामा की तस्वीरें हटाना और वरिष्ठ भिक्षुओं का गायब होना जैसे मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत में हिरासत, मौत और चुप्पी का एक पैटर्न बन चुका है, जहां लोगों को डर के माहौल में जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!