Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Aug, 2026 10:56 AM

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बीच चीन द्वारा बनाए जा रहे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बाढ़ से ठीक कुछ दिन पहले सामने आए एक ब्लॉगर के वीडियो ने इन परियोजनाओं की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, नेपाल में आई भयानक बाढ़ आने से...
नेपाल/चीन: नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बीच चीन द्वारा बनाए जा रहे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बाढ़ से ठीक कुछ दिन पहले सामने आए एक ब्लॉगर के वीडियो ने इन परियोजनाओं की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, नेपाल में आई भयानक बाढ़ आने से कुछ दिन पहले, एक ब्लॉगर ने नेपाल की तरफ़ बन रहे चीन के बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स का वीडियो बनाया था। व्लॉगर ने नेपाल की ओर निर्माणाधीन विशाल चीनी जलविद्युत परियोजनाओं का दस्तावेजीकरण किया था।
वीडियो में प्रोजेक्ट स्थलों पर लगातार हो रहे हैवी ब्लास्टिंग, मजदूरों के लिए असुरक्षित कामकाजी माहौल और पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ते साफ देखा जा सकता है। चीन ने कब्ज़े वाले तिब्बत में भी ऐसे ही बड़े प्रोजेक्ट्स के ज़रिए सैकड़ों बांध बनाए हैं, जिससे उनके पर्यावरण और निचले इलाकों पर पड़ने वाले असर को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।
वीडियो में लगातार ब्लास्टिंग, काम करने की असुरक्षित स्थितियां और पर्यावरण के नियमों के कथित उल्लंघन जैसी बातें दिखाई दीं। चीन ने कब्ज़े वाले तिब्बत में भी ऐसे ही बड़े प्रोजेक्ट्स के ज़रिए सैकड़ों बांध बनाए हैं, जिससे उनके पर्यावरण और निचले इलाकों पर पड़ने वाले असर को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।
वर्तमान रिपोर्टों में कहा गया है कि आज की बाढ़ से रासुवा और नुवाकोट में कम से कम 14 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं, जिनमें पांच निर्माणाधीन हैं। चीन की यह लापरवाही केवल बाॅर्डर पार ही नहीं, बल्कि उसके अपने देश के भीतर भी बेनकाब हो रही है। चीन के फ़ुज़ियान प्रांत में बन रहे 7.5 अरब युआन (लगभग 1.06 अरब अमेरिकी डॉलर) की लागत वाले 'योंगान पावर स्टेशन' पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और घटिया निर्माण के गंभीर आरोप लगे हैं।
चीन के सरकारी अखबार 'इकोनॉमिक इंफॉर्मेशन डेली' की जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट में लागत कम करने के चक्कर में बेहद घटिया कंस्ट्रक्शन मटीरियल का इस्तेमाल किया गया। वहीं 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि पावर स्टेशन के निचले जलाशय (Lower Reservoir) में निर्माण से जुड़ी ऐसी बड़ी कमियां पाई गई हैं, जो पूरे बांध की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं। मामले के तूल पकड़ते ही निर्माण करने वाली कंपनी 'पावरचाइना' ने बयान जारी कर जांच कराने की बात कही है।