Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Mar, 2026 11:04 PM

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक प्रमुख तेल निर्यात केंद्र फुजैराह में ड्रोन हमले और आग लगने की घटना के बाद तेल लोडिंग का काम रोक दिया गया है। यह घटना अमेरिका द्वारा ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित एक तेल टर्मिनल पर...
इंटरनेशनल डेस्क : खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक प्रमुख तेल निर्यात केंद्र फुजैराह में ड्रोन हमले और आग लगने की घटना के बाद तेल लोडिंग का काम रोक दिया गया है। यह घटना अमेरिका द्वारा ईरान के खर्ग द्वीप पर स्थित एक तेल टर्मिनल पर हमला किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई।
सूत्रों के अनुसार, फुजैराह टर्मिनल पर दो अलग-अलग जगहों से धुआं उठता हुआ देखा गया। स्थानीय मीडिया कार्यालय के अनुसार, यह आग एक ड्रोन को रोकने की कोशिश के दौरान गिरे मलबे के कारण लगी। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है, फिर भी सुरक्षा कारणों से तेल की आपूर्ति रोक दी गई है। फुजैराह बंदरगाह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से प्रतिदिन लगभग दस लाख बैरल तेल का निर्यात किया जाता है, जो दुनिया की कुल तेल मांग का लगभग 1 प्रतिशत है।
ईरान की चेतावनी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि UAE में स्थित अमेरिकी हित- जिनमें बंदरगाह और सैन्य ठिकाने शामिल हैं- उनके लिए वैध लक्ष्य हैं। ईरानी समाचार एजेंसियों ने दुबई के जेबेल अली बंदरगाह और अबू धाबी के खलीफा बंदरगाह के पास रहने वाले लोगों को भी उस क्षेत्र को खाली करने की चेतावनी दी है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इस घटना के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि इस संघर्ष में कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है।
वैश्विक तेल संकट की आशंका
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि 28 फरवरी से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रभावित होने के कारण दुनिया अब तक के सबसे बड़े तेल आपूर्ति संकट का सामना कर रही है। इससे पहले मंगलवार को, अबू धाबी की रुवैस रिफाइनरी को भी एक ड्रोन हमले के बाद लगी आग के कारण बंद करना पड़ा था। फिलहाल, UAE के अधिकारियों द्वारा तेल आपूर्ति फिर से शुरू करने के संबंध में कोई आधिकारिक समय-सीमा नहीं बताई गई है।