Edited By Rohini Oberoi,Updated: 26 Feb, 2026 01:20 PM

दुनिया के नक्शे पर एक ऐसी जगह का जिक्र अक्सर होता है जो किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती है। इसे 'अदर वर्ल्ड किंगडम' (OWK) कहा जाता है। चेक रिपब्लिक (Czech Republic) के एक निजी इलाके में स्थित यह जगह अपने आप को एक देश मानती है जहां पुरुषों का नहीं...
Other World Kingdom : दुनिया के नक्शे पर एक ऐसी जगह का जिक्र अक्सर होता है जो किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती है। इसे 'अदर वर्ल्ड किंगडम' (OWK) कहा जाता है। चेक रिपब्लिक (Czech Republic) के एक निजी इलाके में स्थित यह जगह अपने आप को एक देश मानती है जहां पुरुषों का नहीं बल्कि सिर्फ महिलाओं का हुक्म चलता है।
क्या है 'अदर वर्ल्ड किंगडम'?
यह कोई आधिकारिक मान्यता प्राप्त देश नहीं है बल्कि इसे एक माइक्रोनेशन (Micronation) कहा जाता है। साल 1996 में इसकी शुरुआत एक निजी पहल के तौर पर की गई थी। हालांकि इसे संयुक्त राष्ट्र (UN) से मान्यता नहीं मिली है लेकिन इसका अपना झंडा, करेंसी, पासपोर्ट और खुद का संविधान है। इस साम्राज्य की बागडोर रानी पैट्रिसिया-1 के हाथों में है।

रानी का शासन और ब्लैक सिटी राजधानी
इस कथित देश की राजधानी ब्लैक सिटी (Black City) है। यहां की पूरी संरचना इस तरह तैयार की गई है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान पर रहें। रानी पैट्रिसिया-1 के पास कानून बनाने और उसे बदलने के असीमित अधिकार हैं। यहां का सामाजिक मॉडल पूरी तरह से मातृसत्ता (Matriarchy) पर आधारित है जहां पुरुषों की भूमिका नगण्य मानी जाती है।
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पुरुषों के लिए रूह कंपा देने वाले नियम
अदर वर्ल्ड किंगडम में पुरुषों के लिए जो नियम बनाए गए हैं वे दुनिया के किसी भी अन्य कोने से बिल्कुल अलग और सख्त हैं:
अधीनता का पालन: यहां पुरुषों को महिलाओं के अधीन रहना पड़ता है। उन्हें किसी भी काम के लिए अपनी मालकिन से अनुमति लेनी जरूरी है।
पहचान और प्रतीक: रिपोर्ट्स के अनुसार यहां आने वाले पुरुषों को प्रतीकात्मक रूप से गले में कॉलर पहनना पड़ता है जो उनके अधीन होने का संकेत है।
कानून का पालन: पुरुषों को हर हाल में महिलाओं का सम्मान करना अनिवार्य है। यहां पुरुषों को फैसलों में शामिल होने का कोई हक नहीं है।

क्या यह सच में एक अलग देश है?
कानूनी रूप से देखा जाए तो 'अदर वर्ल्ड किंगडम' चेक रिपब्लिक की सीमा के भीतर एक निजी संपत्ति है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संप्रभु देश नहीं माना जाता। यहां आने वाले पर्यटकों या निवासियों पर असल में चेक रिपब्लिक के ही कानून लागू होते हैं। इसे एक खास विचारधारा या सोशल एक्सपेरिमेंट के रूप में देखा जाता है जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए भी उपयोग किया जाता रहा है।

पर्यटन और मान्यता
भले ही इसे देश का दर्जा न मिला हो लेकिन अपनी अनोखी परंपराओं के कारण यह पर्यटकों और शोधकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहता है। यहां का पासपोर्ट या मुद्रा (Currency) केवल याददाश्त (Souvenir) के तौर पर ही इस्तेमाल की जा सकती है अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए नहीं।