अमेरिका में जुलाई में 5.28 लाख लोगों को मिली नौकरी, बेरोजगारी दर भी घटी

Edited By PTI News Agency,Updated: 05 Aug, 2022 09:07 PM

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वाशिंगटन, पांच अगस्त (एपी) अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति और मंदी की आशंका के बावजूद रोजगार परिदृश्य जुलाई में भी सकारात्मक बना रहा। इस दौरान नियोक्ताओं ने 5,28,000 लोगों को नौकरी पर रखा और बेरोजगारी की दर भी घटकर 3.5 फीसदी हो गई।

वाशिंगटन, पांच अगस्त (एपी) अमेरिका में बढ़ती मुद्रास्फीति और मंदी की आशंका के बावजूद रोजगार परिदृश्य जुलाई में भी सकारात्मक बना रहा। इस दौरान नियोक्ताओं ने 5,28,000 लोगों को नौकरी पर रखा और बेरोजगारी की दर भी घटकर 3.5 फीसदी हो गई।

अमेरिका के श्रम विभाग ने शुक्रवार को जुलाई के रोजगार आंकड़े जारी करते हुए कहा कि जून में 3,98,000 लोगों को नौकरियों पर रखा गया था। इसके साथ ही जुलाई में बेरोजगारी दर के घटकर 3.5 फीसदी रहने की जानकारी भी दी गई।

अमेरिकी की अर्थव्यवस्था 2022 की पहली दो तिमाहियों में सिकुड़ गई थी जिसे मंदी का अनौपचारिक संकेत माना जाता है। हालांकि ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजबूत रोजगार बाजार ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गर्त में जाने से बचा लिया है।

इन आंकड़ों ने अर्थशास्त्रियों के अनुमान को एक बार फिर गलत साबित कर दिया। उन्होंने इस महीने महज 2,50,000 नौकरियों का अनुमान जताया था।
मौजूदा रोजगार बाजार के जुझारूपन और बेरोजगारी की निम्न दर को देखते हुए अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मंदी अभी शुरू नहीं हुई है। हालांकि इतिहास कुछ और ही कहानी कहता है। वर्ष 1969 में जब 11 महीने की मंदी का दौर आया था तब बेरोजगारी दर मौजूदा दर से भी कम थी।

मंदी का खतरा केवल अमेरिका पर ही नहीं मंडरा रहा बल्कि ब्रिटेन भी इस डर से अछूता नहीं है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने बृहस्पतिवार को अनुमान जताया है कि दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के समक्ष इस साल के अंत तक मंदी का संकट आ सकता है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने पूरे यूरोप के लिए परिदृश्य को और गंभीर बना दिया है। वैसे भी 2020 की शुरुआत से ही कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्थाएं उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं।

अमेरिकी श्रम विभाग ने मंगलवार को कहा था कि जून में नियोक्ता 1.07 करोड़ नौकरियों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार तलाश रहे थे जो कि एक सकारात्मक आंकड़ा है।

इस बीच अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट के डेमोक्रेट सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन के महत्वाकांक्षी ‘आर्थिक पैकेज’ को लेकर उनके बीच सहमति बन गई है और इसे आगे बढ़ाने का रास्ता भी साफ हो गया है। हालांकि विपक्षी रिपब्लिकन सदस्यों का कहना है कि यह प्रस्ताव मुद्रास्फीति की स्थिति को गंभीर कर देगा और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा।

ऐसी स्थिति में बाइडन प्रशासन को सीनेट में आर्थिक पैकेज प्रस्ताव को पारित करवाने के लिए अभी और जद्दोजहद करनी पड़ सकती है।


एपी मानसी प्रेम प्रेम 0508 2106 वाशिंगटन

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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