कबाड़ी से खरीदी मामूली चीज निकली दुर्लभ मशाल, नीलामी में कीमत ने तोड़ दिए सारे रिकार्ड

Edited By Updated: 01 Nov, 2026 07:09 PM

rare olympic torch sold for 124 000 at auction

स्वीडन की एक महिला ने कबाड़ी बाजार से सस्ते दाम पर 1956 ओलंपिक की दुर्लभ मशाल खरीदी थी। एल्युमीनियम से बनी यह 41 सेंटीमीटर लंबी मशाल दुनिया में मौजूद 10 से भी कम नमूनों में शामिल है। नीलामी में इसकी कीमत 1.31 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई।

Stockholm: कई बार पुराने सामान के बाजार में ऐसी बेशकीमती चीजें मिल जाती हैं, जिनकी असली कीमत का अंदाजा खरीदने वाले को भी नहीं होता। स्वीडन की एक महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने कबाड़ी बाजार से बेहद सस्ते दाम पर एक मशाल खरीदी थी। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि उनके हाथ लगा यह सामान इतिहास का एक दुर्लभ हिस्सा है। दरअसल, यह 1956 के ओलंपिक खेलों के लिए तैयार की गई एक खास मशाल थी। जब इसे नीलामी के लिए रखा गया तो इसकी कीमत 1.31 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गई।

 

महिला एक दिन कबाड़ी बाजार में पुराने सामान की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर एक मशाल पर पड़ी और उन्होंने बिना ज्यादा सोचे उसे खरीद लिया। बाद में जब इसकी ऐतिहासिक अहमियत का पता चला तो यह सामान्य खरीदारी करोड़ों के खजाने में बदल गई। यह मशाल एल्युमीनियम से बनी है। इसकी लंबाई 41 सेंटीमीटर और वजन करीब आधा किलोग्राम है। इसे बेहद दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि दुनिया में आज इसके 10 से भी कम नमूने मौजूद हैं।

 

इस मशाल का संबंध 1956 में आयोजित ओलंपिक खेलों से है। उस समय ऑस्ट्रेलिया के सख्त घोड़ों से जुड़े संगरोध नियमों के कारण घुड़सवारी प्रतियोगिताएं मेलबर्न में आयोजित नहीं हो सकी थीं। इन्हें मेलबर्न के मुख्य खेल आयोजन से अलग आयोजित किया गया था। इसी प्रतियोगिता के लिए यह विशेष मशाल तैयार की गई थी। हैरानी की बात यह है कि इतनी ऐतिहासिक मशाल का ओलंपिक के दौरान कभी इस्तेमाल ही नहीं हुआ। बाद में इसे दीवार पर लगाने वाली सजावटी मशाल में बदल दिया गया। समय के साथ यह पुराने सामान के बाजार तक पहुंच गई, जहां से महिला ने इसे खरीद लिया।

 

नीलामी घर ने शुरुआत में इस मशाल की कीमत करीब 2 लाख रुपये आंकी थी। लेकिन नीलामी के दौरान इसकी मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा निकली। आखिरकार इसकी बोली 1.31 करोड़ रुपये से भी अधिक पहुंच गई। इस बिक्री ने नीलामी घर में बिकने वाली दूसरी वस्तुओं के रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिए। यह घटना बताती है कि कई बार पुराने सामान के बीच छिपी ऐतिहासिक धरोहर की असली कीमत का अंदाजा लगाना आसान नहीं होता।
 
 

 


 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!