Edited By Pardeep,Updated: 28 Jun, 2026 10:04 PM

ब्रिटेन में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने अब वहां के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है।
लंदन: ब्रिटेन में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने अब वहां के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। देश के कुछ हिस्सों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
पिघलती सड़कें और यातायात पर पाबंदियां:
भीषण गर्मी का आलम यह है कि ब्रिटेन की सड़कें अब नरम होकर पिघलने लगी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने कई इलाकों में यात्रा संबंधी चेतावनी (Travel Warning) जारी की है। सड़कों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई क्षेत्रों में वाहनों की गति पर भी प्रतिबंध (Speed Restrictions) लगाए गए हैं।
परिवहन सेवाएं प्रभावित:
अत्यधिक तापमान के कारण न केवल सड़क मार्ग, बल्कि अन्य परिवहन सेवाएं भी बुरी तरह बाधित हुई हैं। इस स्थिति ने एक बार फिर पूरे यूरोप में तेज होती गर्मी की लहरों (Heatwaves) और जलवायु परिवर्तन के खतरों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
बता दें यूरोप इन दिनों रिकॉर्डतोड़ हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस में भीषण गर्मी से करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई है। हेल्थ एजेंसी ने रविवार को बताया कि ये मौतें 24 जून से 27 जून के बीच हुईं। अतिरिक्त मौतों का मतलब है कि पिछले कुछ साल में हुई औसत मौतों की तुलना में इस बार करीब 1000 लोग ज्यादा मरे हैं।
हालांकि सरकार ने न ही पिछली बार और न ही इस बार का कोई सटीक आंकड़ा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में 85% बुजुर्ग हैं। सबसे अधिक मौतें घरों में हुईं। खासकर राजधानी पेरिस और उसके आसपास के इलाकों वाले इलाके में ऐसे मामले ज्यादा सामने आए। वहीं, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन, डेनमार्क, इटली और स्विट्जरलैंड समेत 16 देशों में तापमान ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।