Edited By Tanuja,Updated: 04 Nov, 2026 06:37 PM

रूस ने यूक्रेन पर 289 ड्रोन और 76 मिसाइलों से बड़ा हमला किया। खारकीव के अस्पताल में 73 लोग घायल हुए और नौ क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरी पर जवाबी हमला किया। इसी बीच अमेरिका की पहल पर अबू धाबी में शांति वार्ता...
Kyiv: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर आसमान से मौत और तबाही बरसी है। रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यूक्रेनी रक्षा बलों के मुताबिक, हमले में 289 ड्रोन और 76 मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। अस्पतालों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने से आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 2 नवंबर की रात खारकीव के सिटी क्लिनिकल अस्पताल पर हुए हमले में 73 लोग घायल हो गए। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, मिसाइल का विस्फोट अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के पास हुआ, जहां गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा था। खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने बताया कि हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि अस्पताल की इमारतों की 1,000 से अधिक खिड़कियों के शीशे टूट गए।
9 क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पर हमला
रूस के हमलों में ओडेसा, चेरकासी, जितोमिर, विन्नित्सिया, खारकीव, नीप्रो, चेरनिव्त्सी, चेरनिहिव और रिवने के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया। जितोमिर के गवर्नर विटाली बुनेचको के अनुसार, हमले के बाद 1.8 लाख से अधिक लोग बिजली के बिना रह गए। ओडेसा में बिजली ग्रिड को बचाने के लिए कड़े बिजली कटौती नियम लागू करने पड़े। इससे एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन में मानवीय सहायता वितरण केंद्र को निशाना बनाया था। इस हमले में 33 लोगों की मौत हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निगरानी मिशन की प्रमुख डेनिएल बेल ने कहा कि सहायता वितरण केंद्र की जगह और समय की जानकारी पहले से सार्वजनिक थी।संयुक्त राष्ट्र ने नागरिकों और अस्पतालों पर हमलों को लेकर चिंता जताई है। उसका कहना है कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हो सकते हैं।
यूक्रेन का रूस की तेल रिफाइनरी पर पलटवार
रूस के हमलों के बीच यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर रखी है। यारोस्लाव्ल क्षेत्र की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। क्षेत्रीय गवर्नर मिखाइल येवरायेव के मुताबिक, इस घटना में दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए। यूक्रेन लगातार रूस के ईंधन और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर उसकी युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। जंग के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक, अगले सप्ताह अबू धाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है।
इस बातचीत में चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है:
- - युद्धविराम: सीमा पर सैन्य तनाव कम करने और लड़ाई रोकने के उपाय।
- - सुरक्षा गारंटी: युद्ध के बाद यूक्रेन और यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था।
- - मानवीय सहायता: युद्धबंदियों की रिहाई और नागरिकों को राहत।
- - पुनर्निर्माण: युद्ध से तबाह यूक्रेन को दोबारा खड़ा करने की योजना।
इसके अलावा अमेरिकी वार्ताकार ब्रुसेल्स में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और नाटो के प्रतिनिधियों के साथ सुरक्षा गारंटी पर चर्चा करेंगे।
अमेरिकी मदद में कमी से यूक्रेन की बढ़ी मुश्किलें
यूक्रेन की सैन्य स्थिति पर अमेरिकी नीति का भी असर पड़ रहा है। बाइडेन प्रशासन के दौरान यूक्रेन को बड़े पैमाने पर सैन्य सहायता दी गई थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद अमेरिकी सहायता की नीति में बदलाव आया है। यूरोपीय देशों ने इस कमी को पूरा करने की कोशिश की है, लेकिन रूस जैसे सैन्य रूप से मजबूत देश का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी हथियार और समर्थन अब भी यूक्रेन के लिए अहम हैं। 1200 दिनों से अधिक समय से जारी इस युद्ध में एक तरफ हमले तेज हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिशें जारी हैं। अब सबकी निगाहें अबू धाबी में प्रस्तावित बैठक पर हैं।