Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 May, 2025 09:48 PM

रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज्यादा समय बाद पहली बार आमने-सामने शांति वार्ता हुई, लेकिन यह बैठक सिर्फ दो घंटे से भी कम चली और कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। यह वार्ता तुर्की में हुई और यह मार्च 2022 के बाद दोनों देशों की पहली सीधी बातचीत थी। उस...
नेशनल डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज्यादा समय बाद पहली बार आमने-सामने शांति वार्ता हुई, लेकिन यह बैठक सिर्फ दो घंटे से भी कम चली और कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। यह वार्ता तुर्की में हुई और यह मार्च 2022 के बाद दोनों देशों की पहली सीधी बातचीत थी। उस समय रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था।
यूक्रेन के एक सूत्र ने बताया कि दोनों देशों की बातों में भारी अंतर साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि रूस की मांगें न तो पहले कभी उठाई गई थीं और न ही वे हकीकत से मेल खाती हैं। इन शर्तों को यूक्रेन ने "अस्वीकार्य और बेकार" बताया। रूस की तरफ से इस बैठक पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पहले से ही इस बातचीत से ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं, लेकिन गुरुवार को यह उम्मीद और कमजोर हो गई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जब तक उनकी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात नहीं होती, तब तक कोई प्रगति नहीं हो सकती।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है — "पूरी तरह और बिना किसी शर्त के युद्धविराम", ताकि जानें बचाई जा सकें और शांति के लिए माहौल बन सके। ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि अगर रूस इनकार करता है, तो उस पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए, खासकर ऊर्जा और बैंकिंग सेक्टर में।
हालांकि, रूस ने कहा है कि वह बातचीत से युद्ध खत्म करना चाहता है और युद्धविराम पर चर्चा को तैयार है। लेकिन उसने चिंता जताई है कि यूक्रेन युद्धविराम का इस्तेमाल अपनी सेना को मजबूत करने और पश्चिमी देशों से और हथियार लेने के लिए कर सकता है।